इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से सड़कों के नवनिर्माण और इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाएंगे। कुल 26 स्वीकृत कार्यों में 20 सड़कें हाथरस जनपद की हैं, जबकि अलीगढ़ की छह हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और लोगों की दैनिक आवाजाही आसान होगी।
त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत हाथरस और अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शासन ने सौगात दी है। शासन ने 1962.78 लाख की लागत से 26 विकास कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही 491 लाख की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से सड़कों के नवनिर्माण और इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाएंगे। कुल 26 स्वीकृत कार्यों में 20 सड़कें हाथरस जनपद की हैं, जबकि अलीगढ़ की छह हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा और लोगों की दैनिक आवाजाही आसान होगी। इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है।
शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य तय समय-सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। जिला प्रशासन की ओर से कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल के माध्यम से इन परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे आपसी समन्वय से शीघ्र कार्य प्रारंभ कराएं।डीएम अतुल वत्स ने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, जिससे न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि स्थानीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।
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अलीगढ़ के गांवों को भी मिलेगा लाभ
अलीगढ़ के इगलास, लोधा, धनीपुर और गंगीरी ब्लॉक के गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। यहां इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से इगलास के ताहरपुर और मोनिया, लोधा के डिगसी और नगरिया, धनीपुर और गंगीरी ब्लॉक के विभिन्न गांव शामिल हैं।