इसकी शुरुआत वर्ष 1882 में सेठ बैनीराम पोद्दार ने की थी, जब उन्होंने वृंदावन से प्रेरणा लेकर हाथरस में पांच मंजिला भव्य रथ का निर्माण कराया। उसी वक्त से यह शोभायात्रा रामनवमी पर प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से निकाली जाती है।
हाथरस में रामनवमी पर 27 मार्च को हाथरस की 144 वर्ष पुरानी मूंछों वाले रामचंद्र जी महाराज की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह आयोजन बाग बैनीराम स्थित ठा. श्रीकृष्ण चंद्र जी महाराज मंदिर के अंतर्गत प्रबंधक तुलसी प्रसाद पोद्दार के सानिध्य में संपन्न होगा।
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प्रबंधक तुलसी प्रसाद पोद्दार ने बताया कि इस मेले की शुरुआत वर्ष 1882 में सेठ बैनीराम पोद्दार ने की थी, जब उन्होंने वृंदावन से प्रेरणा लेकर हाथरस में पांच मंजिला भव्य रथ का निर्माण कराया। उसी वक्त से यह शोभायात्रा रामनवमी पर प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से निकाली जाती है, जो शहर के प्राचीनतम मेलों में शुमार है।
ट्रस्टी पुनीत पोद्दार व तरुण पोद्दार ने बताया कि यह सर्वसमाज का मेला है। शुभारंभ शाम करीब पांच बजे गमेल वाली बगीची, चामड़ गेट से होगा। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर बाग बैनीराम पहुंचेगी। वहां से पुनः चामड़ गेट पर पहुंच कर संपन्न होगी। रथ की सजावट एवं मेले की तैयारियां हो रहीं हैं। विशेष आकर्षण मां काली की सवारी रहेगी। उस्ताद किशनलाल शर्मा के सानिध्य में माता काली के स्वरूप का भ्रमण तथा मुन्नालाल शर्मा एडवोकेट के निर्देशन में शस्त्र विद्या का प्रदर्शन किया जाएगा।