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गोविंद भगवान रथयात्रा की देर रात तक धूम 

Sat, 26 Mar 2016 12:04 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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रथयात्रा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री गोविंद भगवान रथयात्रा की शुक्रवार देर रात तक धूम रही। हर कोई भगवान कृष्ण की भक्ति में डूब गया। जगह-जगह रथ रोककर आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा हुई। रथयात्रा जिस स्थान से भी होकर निकली, वहां का वातावरण भक्तिमय हो गया। बैंडों पर बज रहे भक्ति गीतों पर लोग नाचते-गाते हुए साथ चल रहे थे। तीन दर्जन से अधिक झांकियां लोगों में आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। घर और दुकानों की छतों से लोग मेला का आकर्षकण नजारा देखते रहे। 
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घंटाघर श्रीगोविंद भगवान मंदिर से धार्मिक विद्वानों के सानिध्य में  पूजा-अर्चना हुई। पूजा-अर्चना के साथ ही गोविंद भगवान को मंदिर से बाहर लाकर विशाल रथ में विराजमान किया गया। इसके साथ गोविंद भगवान की 105वीं रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला उद्यान अधिकारी सुरेश चंद्र वार्ष्णेय और अखिल भारतीय वार्ष्णेय वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामेश्वर दयाल वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर, आरती उतार और झंडी दिखाकर किया। 
जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय भी शामिल हुए और पूजा-अर्चना की। रथयात्रा जिस रूट से होकर निकली, वहीं जगह-जगह पूजा अर्चना और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कई स्थानों पर पेय पदार्थ व मिष्ठान की प्रसादी का वितरण हुआ। इससे पूर्व सभी अतिथियों और समाज के प्रमुख लोगों का मेला अध्यक्ष प्रवक्ता प्रदीप गुप्ता, संयोजक ललित वार्ष्णेय सराफ के नेतृत्व में मार्ल्यापण व दुपट्टा पहनाकर व प्रतीक चिन्ह भेंट कर जोशीला स्वागत किया गया। इस वर्ष मेला में कई नई झांकियां शामिल हुईं, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थीं। चारों तरफ मेला की खूब सराहना हो रही थी। मधुर बैंडों पर बज रहे भक्ति गीतों और डीजे साउंड पर बज रहे भक्ति गीतों पर लोग झूमते हुए साथ चल रहे थे। कलाकारों ने भक्ति गीतों प्रस्तुति दी। रथयात्रा के आगे और पीछे लोग आतिशबाजी कर रहे थे। घंटाघर से शुरू हुई शोभायात्रा देर रात तक शहर के बाजारों में धूम मचाए हुए थी।  
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रथ खींच कर पुण्य कमाया
गोविंद भगवान रथयात्रा में भगवान के विशाल रथ में रस्सी खींचने के लिए भी लोगों में होड़ मची हुई थी। रथ के पास पहुंच कर रस्सी खींचने के लिए लोग आतुर दिखाई दे रहे थे। लोगों का मानना था कि रथ खींचने से गोविंद भगवान की कृपा होती है। 

इन झांकियों ने किया आकर्षित
ऐतिहासिक गोविंद भगवान का रथ, नाग नागिन रोड शो, राधा-कृष्ण रोड शो, राम दरबार, शिव परिवार, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, दुर्गा मां, राजस्थानी नृत्य, काली नृत्य, हनुमान जी, श्रीनाथ, बांकेबिहारी, सिंहासन अक्रूर जी, रोड शो शंकर और बैंड, शहनाई सहित काफी झांकियां लोगों में आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। 

ये प्रमुख लोग रहे शामिल
मेला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, संयोजक ललित वार्ष्णेय सराफ, संजीव वार्ष्णेय एडवोकेट, बांकेबिहारी वार्ष्णेय, राघव वार्ष्णेय, पंकज गुप्ता, विपुल वार्ष्णेय, कपिल वार्ष्णेय, शशांक गुप्ता, प्रफुल्ल वार्ष्णेय, मुकेश कातिब मुक्की, हेमंत वार्ष्णेय, राजीव वार्ष्णेय एडवोकेट, सुभाष वार्ष्णेय, नितिन वार्ष्णेय, प्रधानाचार्य स्वतंत्र कुमार गुप्त, नन्नूमल गुप्ता, मुकेश गुप्ता, रामगोपाल दाल वाले, अशोक वार्ष्णेय, जगदीश शीशा वाले, जगदीश साइकिल वाले, नयनकमल अग्रवाल, हरिनाम दास सांचा, रामेश्वर दयाल आढ़ती, ललतेश गुप्ता, विजय वार्ष्णेय, शैलेंद्र सराफ, मनोज वार्ष्णेय, मयंक वार्ष्णेय, ललित गुप्ता, दाऊदयाल वार्ष्णेय, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, शिवकुमार समाजवादी, बॉबी यादव, प्रशांत शर्मा, ज्ञान चंद्र गुप्ता सहित काफी लोग शामिल थे। 

पुलिस फोर्स और दमकल रही साथ
यूपी के ऐतिहासिक मेला के लिए पुलिस भी चौकन्नी बनी रही। मेला के आगे और पीछे असमाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस कर्मी साथ चल रहे थे। मेला के सबसे पीछे दमकल की गाड़ियां भी थी। 
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