अगले साल तक बने आलू कमेटी या आयोग
भाकियू प्रवक्ता ने सरकार से मांग की कि आलू और सब्जियों की समस्या के समाधान के लिए अगले साल तक एक विशेष कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी प्रदेश में आलू और सब्जियों की बुवाई से लेकर उत्पादन, खपत, भंडारण और बाजार भाव तक का पूरा डाटा तैयार करे।
गुड़-चीनी की तरह आलू के भी दाम बढ़ें
उन्होंने कहा कि जिस तरह चीनी और गुड़ के दाम तय करने की व्यवस्था और बाजार पर चर्चा होती है, उसी तरह आलू के उचित रेट के लिए भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। किसान को उसकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।
विधायक-सांसद उठाएं आलू किसानों की आवाज
टिकैत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी किसानों के मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद आलू किसानों की समस्या को विधानसभा और संसद में उठाएं।
ये रहे मौजूद
संचालन मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, प्रदेश महासचिव विमल तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मलिखान सिंह, अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष रनवीर यादव, चौ. सत्यवीर सिकरवार, विक्रम सिंह वर्मा, मंगलेश यादव, देवेंद्र सिंह यादव, श्रीराम चौधरी, बनी सिंह पहलवान आदि अनेक किसान नेता मौजूद थे।
टिकैत के आगमन पर रही सतर्कता
टिकैत के आगमन पर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। तहसील परिसर और आसपास के मार्गों से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तथा प्रमुख चौराहों और तिराहों तक पुलिसकर्मियों और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। तहसील परिसर और आसपास के इलाकों में अधिकारियों ने पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।