शनिवार की तड़के पानी ओवरफ्लो हो जाने से विधीपुर की तरफ से दघेंटा रजवाहे की पटरी कट गई। इससे टीकैत और विधीपुर के कई किसानों के खेतों में पानी भर गया। करीब 200 बीघा गेहूं की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति आक्रोश दिखाई दिया। किसान अब प्रशासन से इस नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
पिछले चार-पांच दिन से गेहूं के किसान बेमौसम बारिश से परेशान थे। शनिवार की सुबह चार बजे गांव टीकैत से गुजर रहे दघेंटा रजवाहे की पटरी कट गई। इससे रजवाहे के आसपास वाले खेतों में पानी भर गया। इन खेतों में गेहूं की फसल कटने को थी, तो कुछ किसानों ने फसल को काटकर डाल रखा था। पानी भर जाने से फसल डूब गई।
रजवाहे की पटरी कटने की जानकारी जब किसानों को हुई तो वे खेतों की तरफ दौड़े। कई किसानों ने तो अपनी फसल को पानी में डूबने से बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। रजवाहे की पटरी कटने की जानकारी सिंचाई महकमे के अफसरों को सुबह पांच बजे ही दे दी गई, लेकिन शाम तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। किसान खुद ही कटी पटरी को ठीक करने में जुटे रहे। किसानों में सिंचाई महकमे के प्रति काफी आक्रोश था। इन किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
इन किसानों की फसल हुई बर्बाद
गांव विधीपुर के किसान जगवीर सिंह की 15 बीघा, दलवीर की पांच बीघा, अमर सिंह की 10 बीघा, टीकैत के किसान मनोज की 12 बीघा, बादाम सिंह की 10 बीघा, मान सिंह विधीपुर की सात बीघा, गुड्डूु की पांच बीघा, मुखत्यार सिंह की पांच बीघा, सरमन की चार बीघा, सत्यभान की चार बीघा, कालीचरन की छह बीघा, हरप्रसाद की 12 बीघा, भैंरा की पांच बीघा, अनिल की पांच बीघा, अशोक की 10 बीघा, बबुआ की 10 बीघा, चंद्रपाल की अरहर 14 बीघा, श्रवण की पांच बीघा, अनिल चौधरी की पांच बीघा, सत्यप्रकाश की 14 बीघा गेहूं की फसल रजवाहे के पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। इनके अलावा और भी किसान हैं, जिनका नुकसान हुआ है।
उन्हें दघेंटा रजवाहे की पटरी कटने की जानकारी हुई है। वह लेखपालों की टीम को भेजकर किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराएंगे। फिर इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी जाएगी, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
जयप्रकाश, एसडीएम, सादाबाद।