हाथरस। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत जिले के गांवो में किए गए विद्युत कार्यों का हाल जानने के लिए बुधवार को आगरा एमडी ऑफिस से अधिकारियों की पांच टीमों ने जिले का दौरा किया। यह टीम जिले के पांच गांव में गईं, जहां टीम को योजना के तहत किए गए कार्यों में लापरवाही मिली। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कोई काम न होने की शिकायत की।
आगरा से आई इन पांच टीमों में अधिशासी अभियंता हरीमोहन, देवेंद्र पचौरिया और आरईपी के इंजीनियर राजेंद्र कुमार और अन्य स्थानीय अधिकारी कर्मचारी शामिल थे। अधिशासी अभियंता हरीमोहन, आरईपी के राजेंद्र कुमार और एसडीओ हरिओम सोनी ने सहपऊ क्षेत्र के गांव थरौरा का दौरा किया और राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत किए गए कामों का भौतिक सत्यापन किया।
इस सत्यापन में गांव में योजना के तहत कोई काम एक्युरेट प्रा.लि. कंपनी द्वारा नहीं किया गया था। 50 घरों में मीटर तो लगवा दिए गए थे, लेकिन कनेक्शन नहीं किए गए। लाइन भी नहीं खिचवाई गई। गांव प्रधान मानवेंद्र सिंह ने भी लिखित रूप से टीम से कोई काम न किए जाने की शिकायत की। इसी तरह गांव बागपुर में भी एक्सईएन मुकेश कुमार ने दौरा किया और आरजीजीवीवाई योजना के काम देखे। यहां 16 केवीए का एक ट्रांसफॉर्मर लगा मिला।
इसके अलावा द्वितीय विद्युत वितरण खंड के गांव नगला इमलिया में अधिशासी अभियंता देवेंद्र पचौरिया, भूपेंद्र सिंह ने विद्युत कार्यों का जायजा लिया, जहां स्थिति कुछ हद तक ठीक मिली। अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा ने बताया कि आगरा से आई टीमों ने पांच गांव का दौरा कर राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत किए गए कार्यों की स्थिति देखी है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।