मेला श्रीदाऊजी महाराज की रौनक को शनिवार को दिन भर हुई बारिश ने धो दिया। झूला सेक्टर, खान-पान की दुकानों, खिलौनों के स्टॉल और सर्कस-तमाशों के सामने सन्नाटा पसरा रहा, जिससे व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी छा गई।
शनिवार और रविवार को सप्ताहांत (वीकेंड) का अवकाश होने के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से हजारों की तादाद में मेलार्थी पहुंचते हैं, लेकिन दिनभर हुई बारिश ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश से कच्चे रास्तों पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई, जिससे इक्का-दुक्का पहुंचे लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मिक्सर झूला, ड्रैगन, नाव और आसमानी झूलों का संचालन सुरक्षा कारणों से लगभग ठप रहा। दुकानों के संचालक दिनभर अपने सामान को भीगने से बचाने के लिए प्लास्टिक व तिरपालों से ढंकने की मशक्कत करते दिखे। दुकानदारों का कहना है कि मेले की जमीन और तहबाजारी का किराया पहले से ही काफी महंगा है, ऐसे में शनिवार का पूरा कारोबार चौपट हो जाने से उनकी लागत निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि अब उनकी पूरी उम्मीदें रविवार के दिन पर टिकी हैं। यदि रविवार को मौसम साफ रहता है और धूप खिलती है, तो अवकाश का लाभ मिलने से भीड़ उमड़ सकती है और उनके नुकसान की कुछ हद तक भरपाई संभव हो सकेगी।
दिनभर हुई बारिश और मौसम में आई ठंडक के चलते ठंडा माल बिल्कुल नहीं बिका। चाट के लिए तैयार किया गया सामान भी बर्बाद होने के कगार पर है। मेले की जगह का किराया और कारीगरों का दैनिक खर्च निकालना भारी पड़ रहा है।
-बबलू जैन, स्टॉल संचालक निवासी फिरोजाबाद
सुबह से बारिश की वजह से दुकानें खोल ही नहीं पाए, क्योंकि गत्ते के डिब्बों में पैक खिलौने सीलन से खराब हो जाते हैं। दिनभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और एक रुपये की भी बोहनी नहीं हो सकी। अगर रविवार को भी मौसम ऐसा ही रहा, तो घर लौटना मुश्किल हो जाएगा।
-हनुमान, खिलौना विक्रेता निवासी बदायूं