परिवार ने खतरे को भांपते हुए रात में ही कमरा खाली कर दिया था। वे दूसरे कमरे में जाकर सो गए। सुबह करीब साढ़े 3 बजे जोरदार धमाके के साथ पूरी छत जमीन पर आ गिरी।
सिकंदराराऊ नगर के मोहल्ला नौखिल काजियान में रविवार की सुबह लगभग 3 बजे राज कुमार के मकान की छत भरभराकर गिर गई। पूरा परिवार दूसरे कमरे में सोने के कारण इस हादसे में बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
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राज कुमार के बेटे ने बताया कि इस कमरे में उनके माता-पिता सोते थे। शाम से ही छत से ईंटें और मिट्टी गिर रही थीं। परिवार ने खतरे को भांपते हुए रात में ही कमरा खाली कर दिया था। वे दूसरे कमरे में जाकर सो गए थे। सुबह करीब साढ़े 3 बजे जोरदार धमाके के साथ पूरी छत जमीन पर आ गिरी। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंच गए।
लगातार बारिश से कमजोर हुई छत
पड़ोसियों को आशंका थी कि शायद कोई मलबे में दबा हो। लेकिन राज कुमार ने बताया कि यह कमरा खाली था। लगातार 24 घंटे से हो रही बारिश के कारण छत कमजोर हो गई थी। इसी वजह से वह भरभराकर गिर गई। बता दें कि बारिश तथा तेज धूप से पुराने जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है।