चामड़ गेट चामुंडा मंदिर पर पूजन करते भक्त।
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हाथरस। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन दौज व तीज एक साथ रही। दूसरे दिन भक्तों ने माता ब्रह्मचारिणी और चंद्रघंटा का पूजन किया। शाम के समय घरों में भी महिलाओं ने एक स्थान पर एकत्रित होकर ढोलक और मंजिरा के बीच भक्ति गीत गाए।
भोर की पहली किरण के साथ ही शहर के सभी देवी मंदिरों पर पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़नी ारू हो गई। सुबह से ही शुरू हुआ माता रानी के जलाभिषेक का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। इस दौरान पूरा वातावरण घंटे-घड़ियालों की टंकार और महामाई के जयघोषों से गूंजता रहा। सुबह के समय घर-घर में भक्तों ने परिवार सहित सामूहिक रूप से देवी की अज्ञारी की और फिर उनकी आरती उतारी। इसके बाद भक्त माता रानी के मंदिरों पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने के लिए पहुंचे। शाम के समय शहर भर के सभी देवी मंदिर रंग-बिरंगी आकर्षक बिजली की लाइटों से जगमग हो रहे थे। शाम के समय देवी मां के मनोहारी शृंगार किए गए। मनोहारी शृंगार के दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर के अलावा अंदर और बाहर मेलह्य जैसा माहौल बना हुआ था।
प्रमुख देवी मंदिरों पर भक्तों का तांता
हाथरस की कुल देवी हाथुरसी देवी मंदिर, सासनी स्थित मां कंकाली देवी मंदिर, चामड़ गेट स्थित चामुंडा देवी मंदिर, मुरसान गेट बौहरे वाली देवी मंदिर, रमनपुर स्थित मां चामुंडा देवी, बिसाना स्थित मां तारागढ़ वाली देवी, चिंताहरण महादेव स्थित कैला-चामुंडा देवी मंदिर, मुरसान गेट वाराही देवी मंदिर, तालाब चौराहा स्थित मां शीतला माता मंदिर, सीयल स्थित शीतला माता मंदिर, किला स्थित पथवारी देवी मंदिर, सादाबाद के जवाहर बाजार स्थित काली मंदिर, मथुरा अड्डा स्थित मां पथवारी मंदिर, कस्बा स्थित मां चामुंडा मंदिर, कुरसंडा स्थित अटारी माता मंदिर, मुरसान स्थित पीपल वाली देवी माता मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रही।