अल्लाह के प्यारे नबी हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश के मौके पर इस साल भी रविवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन किया गया। किला गेट से सुबह के समय सैयद नदीम हुसैन कादरी कुरान की तिलावत पढ़कर जुलूस की शुरुआत हुई।
जुलूस किला गेट से जामा मस्जिद, नयागंज, चक्की बाजार, सरक्यूलर रोड, रामलीला ग्राउंड, पंजाबी मार्केट, तालाब चौराहा, मथुरा रोड, मधुबनी अल्लाह बॉक्स रोड, रानी मिल, बांस की मंडी, घास की मंडी, बस स्टैंड, चूना वाला डंडा, लोहट बाजार, मोती बाजार, नयागंज, पुरानी सब्जी मंडी आदि होते हुए जामा मस्जिद किला गेट पर तमाम हुआ। जुलूस में मक्का मदीना की झांकी और घोड़े बग्गी आदि शामिल थे। जुलूस बच्चे बोल रहे थे देखो देखो मेरे नबी की शान बच्चा बच्चा है कुर्बान, जैसे नारे लगा रहे थे।
ऑल इंडिया अब्बासी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस अहमद अब्बासी ने कहा की अल्लाह के नबी ने मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम दिया और कहा कि भूखे को खाना खिलाना, प्यासे को पानी पिलाना, अंधे को रास्ता दिखाना, गरीब की मदद करना, अल्लाह के नबी ने यह सिखाया कि यही इस्लाम धर्म का काम है।
जुलूस में मौलाना मंजूर आलम नूरी, हाजी जमील अहमद सैयद, नदीम हुसैन, मौलाना मुकीम, राजा मौलाना, मझाहिर राजा, मुन्ना सिंह पुथिर, विजय सिंह प्रेमी, वीर सिंह कर्दम, शाहिद कुरैशी, पूर्व सभासद बृजमोहन राही, रामनारायण काके, लल्लन बाबू, राजपाल पूनियां, रामब्रज एडवोकेट, साबिर हुसैन मंजूर, अहमद अब्बासी, हुमायूं खान, इसरार पहलवान, आशीष शर्मा, शरद माहेश्वरी, हनीफ खान, हाजी नवाब हसन, बबलू कुरैशी हाजी, रिजवान मुस्ताक अहमद, आबाद कुरैशी, मोहम्मद अली उर्फ कल्लू, हनीफ खान, हाफिज अनवर, अजीम खान, मिर्ज़ा अजऱबैक, हाजी अब्दुल, रहीम हाजी अजमेरी आदि लोग जुलूस में शामिल हुए।
जगह-जगह लगा जाम, पुलिस रही मुस्तैद
जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान शहर के बाजारों को जाम के झाम से जूझना पड़ा। जुलूस लंबा होने के कारण लोगों को बार-बार रास्तों को बदलना पड़ा। शहर के कई बाजारों के साथ ही तालाब चौराहा पर लोगों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा।