हाथरस। यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स काउंसिल का एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को सेंट फ्रांसिस और बीएलएस स्कूल में प्रधानाचार्य/फादर से मिला। उनके समक्ष बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न की शिकायत की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि सीबीएसई एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का उल्लघंन हो रहा है। हजार, बारह सौ रुपये की किताबों का सेट 2500 से 3000 रुपये में बिक रहा है। नई-नई मदों के नाम पर फीस वसूली जा रही है। अभिभावक संघ का भी गठन स्कूलों में नहीं किया गया है। हर साल सिलेबस बदलने का क्या औचित्य है। एनसीईआरटी की किताबें क्यों नहीं लगाई जा रहीं। प्राइवेट प्रकाशक से महंगी किताबें मोटा कमीशन लेकर फाइनल की जा रही हैं। आरटीई के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की मांग की। इस मौके पर देवेंद्र गोयल, दीपेश अग्रवाल, पुनीत पोद्दार, आयोग दीपक, निशांत उपाध्याय, विमलेश बंसल, शैलेंद्र सांवलिया, अरविंद मित्तल, गोपाल बाबू, शरद माहेश्वरी आदि थे।