शहर में एक दुकान पर बिक्री के लिए रखा प्याज। संवाद
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स्थानीय मंडी में बेंगलुरु के नए प्याज की आवक शुरू होने से दामों में जारी बेतहाशा बढ़ोतरी पर ब्रेक लग गया है। मंडी में सप्लाई बढ़ते ही फुटकर बाजार में प्याज के दाम 70 रुपये से टूटकर 60 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।
गौरतलब है कि स्थानीय और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से नई फसल समय पर न आने और पुराने स्टॉक में कमी के चलते प्याज की कीमतों में पिछले एक महीने में उछाल दर्ज किया गया था। जो प्याज महीने भर पहले 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था, उसके दाम नवरात्र से ठीक पहले उछलकर 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए थे।
अचानक दामों बढ़ने से प्याज खाने के शौकीन लोगों की थाली का स्वाद बिगड़ने लगा था और रसोई के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया था। सब्जी मंडी के आढ़ती वकील कुरैशी व राशिद ने बताया कि उत्तर भारत की मंडियों में सप्लाई का दबाव कम करने के लिए बेंगलुरु से प्याज की आवक शुरू हो गई है। हाथरस मंडी में रोजाना कई ट्रक से बेंगलुरु का नया प्याज पहुंच रहा है।
थोक में माल की उपलब्धता बढ़ने से दामों में प्रति क्विंटल 500 से 800 रुपये तक की नरमी दर्ज की गई है। थोक भाव गिरने का असर सीधे तौर पर फुटकर बाजार पर भी दिख रहा है और शहर के सादाबाद गेट, गुड़हाई बाजार, नयागंज व मेंडू रोड की सब्जी मंडियों में अब अच्छी गुणवत्ता का प्याज 55 से 60 रुपये किलो बिकने लगा है।