बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार। संवाद
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जिला अस्पताल में मरीजों के पर्चों पर बाहरी दवा लिखी जा रही हैं। सोमवार को भी एक चिकित्सक ने नयाबास निवासी हरिओम के पर्चे पर एक कंपनी की दवा लिख दीं। उन्होंने बाहर मेडिकल से वह दवा करीब 120 रुपये में खरीदी।
जिला अस्पताल में मरीजों को एक रुपये के पर्चे पर निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, जांच व दवा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यही वजह है कि जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन चिकित्सकों की मनमानी से मरीजों को इस अस्पताल में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकारी अस्पताल में बाजार की दवा लिखने पर रोक है। इसके बावजूद कुछ चिकित्सक निजी फायदे के लिए चिकित्सक बाजार की दवा लिख रहे हैं। यह दवाएं बाजार में उच्च दामों पर मिलती हैं।
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मरीजों के बोल-
मेरे बच्चे की आंख में परेशानी है। उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आया हूं। चिकित्सक ने पर्चे पर एक दवा बाजार की लिख दी है। मुझे बाजार से दवा खरीदनी पड़ेगी। - हरिओम, तीमारदार, नयाबास।
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मेरे गले में संक्रमण है। चिकित्सक ने मेरे पर्चे पर एक दवा बाजार की लिखी है। बाजार से यह दवा खरीदनी पड़ेगी। - करिश्मा, मरीज, नाई का नगला।
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वर्जन-
अस्पताल में चिकित्सक जन औषधि केंद्र की दवाएं लिख सकते हैं। अगर कोई चिकित्सक बाजार की दवाएं लिख रहा है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। - डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल, हाथरस।