शहरवासियों को रोजाना के जाम और घंटों रेल फाटक बंद रहने की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने तैयारी शुरू कर दी है। बागला कॉलेज रोड, बिजली कॉटन मिल तिराहा और इगलास रोड फाटक पर ओवरब्रिज अथवा अंडरपास बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण विभाग की विशेष इकाई गति शक्ति ने विस्तृत तकनीकी सर्वे करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार दोपहर बरेली मुख्यालय से हाथरस पहुंची रेलवे इंजीनियरों की विशेष टीम ने तीनों फाटकों का स्थलीय निरीक्षण किया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि किस फाटक पर ओवरब्रिज बनेगा, कहां अंडरपास उपयुक्त रहेगा या फिर टी-आकार का विशेष पुल तैयार किया जाएगा।
सर्वे के दौरान तकनीकी टीम के सामने भौगोलिक और घनी आबादी से जुड़ी कई चुनौतियां भी सामने आई हैं। तीन में से दो फाटकों पर जगह की भारी कमी के चलते सामान्य डिजाइन का ओवरब्रिज बनना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। गति शक्ति यूनिट की यह सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और मुख्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद डीपीआर तैयार कर बजट आवंटन और टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इन फाटकों पर पुल बनने से शहर को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। रेल परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्य दिनेश सरदाना ने टीम से मौजूदा स्थिति में कारोबारों का ध्यान रखने का आग्रह किया है। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन ने बताया कि अभी काेई भी फाटक बंद नहीं होगा, जब तक ओवरब्रिज, अंडरपास या अन्य सुविधा नहीं दी जाती, तब तक फाटक बंद नहीं होते। रेलवे की निर्माण टीम अपना सर्वे कर रही होगी, जो सामान्य कार्य है। सर्वे के बाद पता चलेगा कि ओवरब्रिज बनेगा या अंडरपास अथवा कुछ और इंतजाम किया जाएगा।
फाटकवार स्थिति और सर्वे टीम का आकलन
बागला कॉलेज फाटक (संख्या 308-सी) पर स्पेशल डिजाइन की दरकार
बागला कॉलेज रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए सासनी गेट की तरफ कम से कम 280 मीटर की सीधी लंबाई रैंप के लिए चाहिए, जबकि मौके पर मात्र 100 मीटर की जगह ही उपलब्ध है। वहीं अगर यहां अंडरपास बनाने पर विचार किया जाता है, तो दोनों ओर स्थित सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह चौपट होने और जलभराव का खतरा है। ऐसे में टीम का मानना है कि यहां ओवरब्रिज के लिए कोई अनोखा और विशेष घुमावदार डिजाइन तैयार करना पड़ेगा।
बिजली कॉटन मिल फाटक (संख्या 307-सी) पर सबसे जटिल चुनौती
बिजली कॉटन मिल तिराहा फाटक की स्थिति और भी ज्यादा पेचीदा है। यहां बेहद संकरा क्षेत्र और घनी बसावट होने के कारण न तो मानक के अनुरूप ओवरब्रिज की एप्रोच रोड के लिए पर्याप्त जमीन है और न ही अंडरपास की गुंजाइश बन रही है। टीम के विशेषज्ञों ने यहां यातायात को सुगम बनाने के लिए बहुमंजिला रैंप या टी-ओवरब्रिज जैसे वैकल्पिक डिजाइनों पर गहन मंथन किया है।
इगलास रोड फाटक (संख्या 310) पर आसानी
इगलास रोड फाटक की स्थिति निर्माण के लिहाज से सबसे मुफीद पाई गई है। यहां पर्याप्त विजिबिलिटी और खुला स्थान उपलब्ध है। तैयार किए जा रहे डिजाइन के अनुसार ओवरब्रिज को मोहल्ला मधुगढ़ी की ओर से चढ़ाकर सीधे इगलास रोड की तरफ उतारा जा सकता है। जगह की उपलब्धता और सुगम डिजाइन के चलते प्रबल संभावना है कि रेलवे प्रशासन पहले चरण में इगलास रोड फाटक पर ही ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे सकता है।