प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में एक भी पात्र लाभार्थी का पंजीकरण न कराने पर जिले की 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अंतिम चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। माह के अंत तक सुधार न होने पर इनका मानदेय रोकने और सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र उपाध्याय ने समीक्षा बैठक के बाद बताया कि योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती होने वाली महिला को दो किस्तों में 5,000 रुपये और दूसरी बार गर्भवती होने पर कन्या शिशु के जन्म पर एकमुश्त छह रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
जिले में अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काम कर रही हैं, लेकिन समीक्षा के दौरान पाया गया कि 355 कार्यकर्ताओं ने इस पूरे वित्तीय वर्ष में अपने क्षेत्र के एक भी पात्र लाभार्थी का फॉर्म नहीं भरवाया है। बार-बार हिदायत देने के बावजूद सुधार न होने पर अब यह अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
डीपीओ ने बताया कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि कार्य न करने वाली कार्यकर्ताओं की पत्रावली 30 जुलाई तक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी जाए।
समीक्षा में पाया गया कि 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस पूरे वित्तीय वर्ष में अपने क्षेत्र के एक भी पात्र लाभार्थी का फॉर्म नहीं भरवाया है। बार-बार हिदायत देने के बावजूद सुधार न होने पर अब यह अंतिम नोटिस जारी किया गया है।