कुश्ती के दौरान पहलवानों को खरोंच और हल्की चोट लगना सामान्य है। ऐसे में हल्दी और फिटकरी पारंपरिक रूप से उपयोग की जाती हैं, जबकि सरसों का तेल मिट्टी को मुलायम रखने में मदद करता है।
हाथरस में दाऊजी महाराज के मेले में कुश्ती के लिए औषधीय अखाड़ा तैयार किया गया है। अखाड़े की मिट्टी में फिटकरी, हल्दी और सरसों का तेल मिलाया है। देशभर से आने वाले पहलवान इसी अखाड़े में दांव-पेच आजमाएंगे।
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दंगल कमेटी ने परंपरा के अनुसार अखाड़े की मिट्टी में मिश्रण किया है। कमेटी सदस्य श्रीनिवास के अनुसार अखाड़े की पहली परत में 20 किलो पिसी फिटकरी, 10 किलो शुद्ध हल्दी, खटाई और 15 लीटर सरसों का तेल मिलाया गया। इसके बाद पानी का छिड़काव कर मिट्टी की कई बार गहरी गुड़ाई की गई, ताकि औषधीय तत्व मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाएं।
कुश्ती के दौरान पहलवानों को खरोंच और हल्की चोट लगना सामान्य है। ऐसे में हल्दी और फिटकरी पारंपरिक रूप से उपयोग की जाती हैं, जबकि सरसों का तेल मिट्टी को मुलायम रखने में मदद करता है। अब अखाड़ा दंगल के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें देशभर से पहलवान दमखम दिखाएंगे।