स्वास्थ्य महकमा मातृत्व सप्ताह की तैयारियों में जुट गया है। द्वितीय चरण में 21 सितंबर से 28 सितंबर तक चलने वाले इस सप्ताह के लिए स्वास्थ्य विभाग 37 कलस्टर बनाएगा। इन कलस्टर पर गर्भवती माताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इधर, इस अभियान को लेकर आज बुधवार को कलेक्ट्रेेट में डीएम की अध्यक्षता में बैठक भी होगी।
इस सप्ताह को मनाने के पीछे स्वास्थ्य विभाग की मंशा है कि गर्भवती माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। गर्भावस्था में उनके खून, पेशाब और ब्लड प्रेशर की जांच हो, जिसके बाद उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। संस्थागत प्रसव में वृद्धि एवं समुचित पोषण व कुपोषण से भी बचाव हो सके। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह और डीआईओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि जिलेभर में 37 कलस्टर बनाए जाएंगे। पांच उपकेंद्रों को मिलाकर एक कलस्टर तैयार किया जाएगा।
एक कलस्टर पर एक चिकित्सक और बालपोषण विभाग का पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। यहां गर्भवती माताओं का पंजीकरण किया जाएगा। खून, पेशाब की जांच और ब्लड प्रेशर मापने के बाद हाईरिस्क प्रेंगभनेंसी वाली महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा। 29 सितंबर को छूटी हुई गर्भवती माताओं की भी जांच की जाएगी। 30 सितंबर और एक अक्तूबर को हाईरिस्क प्रेंग्नेंसी वाली महिलाओं को 108 एंबुलेंस के जरिए सीएचसी और जिला महिला अस्पताल में लाया जाएगा, जहां लगने वाले एचआरपी क्लीनिक पर इन महिलाओं की समुचित जांच की जाएगी।
आशा और एएनएम को मिलेगी प्रोत्साहन राशिः जटिलता (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) वाली प्रसूताओं को अस्पताल में चिकित्सक की देखरेख में प्रसव होने तक तथा उसके बाद 42 दिन तक उनके स्वास्थ्य व पोषण के लिए निगरानी की जाएगी। कार्ड पर लाल बिंदी व लाल मौहर लगाई जाएगी। इन गर्भवती महिलाओं को लाने ले जाने के लिए 102/108 एंबुलेंस द्वारा निशुल्क सुविधा दी जाएगी। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी वाली महिलाओं की निगरानी के लिए एनएम को 200 रुपये और आशा को 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। शासन ने प्रोत्साहन राशि की पहली बार व्यवस्था की है।