जिले में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रचार का शोर-शराबा सोमवार की शाम को थम गया। आखिरी दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में पूरी ताकत झोंक दी। किसी ने रोड शो से अपनी ताकत दिखाई तो किसी ने जनसभाओं में भाषणबाजी से मतदाताओं का हृदय परिवर्तन करने की कोशिश की तो किसी ने जनसंपर्क के जरिए घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से आशीर्वाद लिया।
शहर में हर कदम पर झंडे-झंडियों और बैनरों के साथ प्रत्याशियों के काफिले घूमते नजर आए। हाथरस में भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने फिल्मी सितारों को रोड शो में उतारकर हवा का रुख मोड़ने की कोशिश की तो बसपा प्रत्याशी ऋतु उपाध्याय के समर्थन में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के परिवार ने जनसंपर्क के जरिए वोटों का जुगाड़ फिट करने की कोशिश की। यही तरीका समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी लता अग्रवाल के पति पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने भी आजमाया। हालांकि अब तक उन्होंने भी डोर-टू-डोर प्रचार पर ज्यादा ध्यान दिया है।
आखिरी दिन भी वह समर्थकों की भीड़ के साथ गली-मोहल्लों में घूमकर अपने पक्ष में माहौल बनाते नजर आए। कांग्रेस के प्रत्याशी अजय भारद्वाज एडवोेकेट और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी आकाश बग्गा भी जनसंपर्क करते नजर आए। राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी एस.जलालुद्दीन ने भी जनसंपर्क के जरिए घर-घर पहुंचकर वोटों का जुगाड़ फिट किया। कुल मिलाकर प्रचार का जितना शोर-शराबा और रौनक विधानसभा चुनाव में भी नहीं दिखी, उससे कहीं ज्यादा इस चुनाव में दिखाई दे रही है। इस चुनाव प्रचार ने विधानसभा चुनाव के प्रचार को काफी पीछे छोड़ दिया।