जिले के करीब 64 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना बिजली बिल जमा नहीं किया है। इन पर करीब 21 करोड़ रुपये का बकाया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून तक भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की बिजली सीधे मुख्यालय के कंट्रोल सेंटर से काट दी जाएगी।
जिले में करीब 1.60 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और इन सभी कनेक्शनों को पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर प्रणाली में बकाया होने पर बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए अलग से टीम भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। विभागीय मुख्यालय के कंट्रोल सेंटर से ही संबंधित कनेक्शन की बिजली आपूर्ति दूरस्थ रूप से बंद की जा सकती है।
अकेले हाथरस शहर में 32,700 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं में से करीब आठ हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक बिजली बिल जमा नहीं किया है। इन पर लगभग 2.50 करोड़ रुपये का बकाया है। इसके अलावा सासनी, सिकंदराराऊ, सादाबाद, हसायन और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है।
अधिशासी अभियंता शहर संदीप कुमार का कहना कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य बिलिंग प्रणाली को पारदर्शी बनाना और राजस्व वसूली को बेहतर करना है। ऐसे में लगातार बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी। बिल जमा होने के बाद ही बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल की जाएगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने बिजली बिल का भुगतान कर दें, ताकि बिजली कटने जैसी असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा का भी अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।
जिले में बकायेदारों की स्थिति
-कुल स्मार्ट मीटर उपभोक्ता : करीब 1.60 लाख
-बकायेदार उपभोक्ता : करीब 64 हजार
-कुल बकाया राशि : करीब 21 करोड़ रुपये
-हाथरस शहर के स्मार्ट मीटर उपभोक्ता : 32,700
-शहर के बकायेदार : करीब 8 हजार
-शहर में बकाया राशि : करीब 2.50 करोड़ रुपये