इंडियन इलैक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के अंतर्गत विद्युत लाइनों के नीचे अथवा उनके नजदीक परिभाषित सीमा के अंतर्गत कोई अस्थायी अथवा स्थायी निर्माण कार्य गैर कानूनी श्रेणी में आता है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता नसीर अहमद ने बताया कि उप्र विद्युत प्रदाय संहिता 2005 की धारा 9.3 के अंतर्गत वितरण खंड द्वितीय हाथरस के भौगोलिक क्षेत्र के अधीन ऊर्जीकृत 33 केवी, 11 केवी एलटी उप संस्थानों के नीचे अथवा समीप अस्थायी/स्थायी रूप से निर्माण कर अथवा बिना निर्माण किए हुए निवास कर रहे लोगों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं।
उन्होने चेतावनी दी है कि यदि उक्त परिस्थितयों में विद्युत लाइनों/ उपकेंद्रों के कारण कोई घातक अथवा अघातक विद्युत दुर्घटना होती है तो उसके लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. अथवा उप्र पावर कारपोरेशन लि. किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।