विष्णु ने जिन किसानों से आलू उधार लिया था, वे रोज पैसे का तकादा करते थे। इसी परेशानी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। शुक्रवार रात को उसने दलबीर सिंह के नलकूप पर आत्महत्या कर ली।
सहपऊ क्षेत्र के नगला रमजू गांव में एक आलू व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 32 वर्षीय विष्णु पुत्र मूलचंद के रूप में हुई है। उसके पिता ने कुछ लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। विष्णु का शव गांव खोंडा निवासी दलबीर सिंह के नलकूप पर मिला। वह पाखर के पेड़ पर अंगोछा के फंदे से लटका हुआ था। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है।
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विष्णु के पिता मूलचंद के पास 16 बीघा खेत है। उसने इस बार 10 बीघा खेत में आलू की फसल बोई थी। विष्णु ने किसानों से 500 से 600 रुपये प्रति कट्टे के हिसाब से आलू के करीब 2500 से 3000 कट्टे खरीदे थे। आलू के दाम गिरने से उसे 20 से 22 लाख रुपये के नुकसान की आशंका थी। यह नुकसान उसे व्यापार में हुआ था।
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आत्महत्या का कारण
विष्णु ने जिन किसानों से आलू उधार लिया था, वे रोज पैसे का तकादा करते थे। इसी परेशानी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। शुक्रवार रात को उसने दलबीर सिंह के नलकूप पर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अपनी पत्नी के अलावा 5 वर्षीय पुत्री और साढ़े तीन वर्षीय पुत्र को रोते बिलखते छोड़ा है।
पुलिस की जांच
विष्णु के पिता मूलचंद का आरोप है कि आलू बेचने वाले किसान लगातार पैसे का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव के कारण विष्णु ने मजबूर होकर आत्महत्या की। सादाबाद के सीओ जेएन अस्थाना ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है। अभी तक कोतवाली में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।