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Hathras News: आलू के नहीं बढ़े दाम, किसानों को हो रहा भारी नुकसान

Tue, 29 Aug 2023 12:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

आलू जिले की प्रमुख फसल है। पिछले दो सालों में आलू का भाव अच्छा रहा था, जिसके बाद किसानों ने रकबा भी बढ़ाया था। पैदावार भी अच्छी हुई। जिले में इस साल करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की पैदावार हुई थी। बाद में अच्छा भाव मिलने की उम्मीद में किसानों शीतगृहों में आलू का भंडारण किया था।
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आलू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कोल्ड स्टोरों से आलू की निकासी का वक्त करीब आ चुका है, लेकिन बाजार में आलू की कीमतों में कोई सुधार नहीं हो रहा है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। किसानों का कहना है कि वाजिब भाव न मिलने के कारण उन्हें लागत से कम पर आलू बेचना पड़ रहा है।

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आलू जिले की प्रमुख फसल है। पिछले दो सालों में आलू का भाव अच्छा रहा था, जिसके बाद किसानों ने रकबा भी बढ़ाया था। पैदावार भी अच्छी हुई। जिले में इस साल करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की पैदावार हुई थी। बाद में अच्छा भाव मिलने की उम्मीद में किसानों शीतगृहों में आलू का भंडारण किया था। उद्यान विभाग के आंकड़ों की माने तो अब तक करीब 441794.25 मीट्रिक टन आलू की निकासी हो चुकी है। इस समय 450 रुपये से 500 रुपये प्रति पैकेट (45 से 50 किलोग्राम) की दर से आलू बिक रहा है। मंडी में भी इस समय यही भाव चल रहा है।

बढ़ रही लागत, मुनाफा हो रहा कम
एक बीघा जमीन में आलू पर करीब 13 हजार रुपये लागत आती है। एक बीघा खेत में करीब 45 से 50 पैकेट आलू पैदा होता हैं। इस हिसाब से आलू के एक पैकेट पर करीब 289 रुपये की लागत लगती है। इसमें किसान की मेहनत और ट्रांसपोर्ट का खर्च अलग है। हर साल लागत बढ़ रही है। इस समय शीतगृह से करीब 500 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से आलू बिक रहा है।
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शीतगृह से निकल उपभोक्ता तक पहुंचने में दोगुना हो रहा भाव
किसानों का आलू शीतगृह और मंडी में सस्ते दामों पर बिक रहा है, लेकिन बाजार में आम आदमी को दोगुने दामों पर आम आलू खरीदना पड़ रहा है। बाजार में इस समय आलू का भाव 20 रुपये प्रति किलो से 25 रुपये प्रति किलोग्राम है।

आलू की फसल में लागत बहुत लगती है। इस हिसाब से भाव अच्छा नहीं मिल रहा है। इससे किसान को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। -विपिन कुमार, झींगुरा।
आलू से किसानों को अच्छे मुनाफे की उम्मीद होती है। फसल के समय भाव अच्छा न मिलने के कारण आलू को शीतगृहों में भंडारित किया गया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।- कन्हैया, गिजरौली।
उत्पादन अधिक होने से आलू का भाव कम हे। शीतगृहों से निकासी पिछले साल की तुलना में अधिक हो चुकी है। उम्मीद है कि भविष्य में आलू के भाव में और बढ़ोतरी हो जाए। - अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

  • 450 से 500 रुपये प्रति पैकेट (50 किलोग्राम) चल रहा है इस बार भाव
  • 800 से 1000 रुपये प्रति पैकेट रहा था साल 2022 में आलू का दाम
  • 1100 से 1200 रुपये प्रति पैकेट तक पहुंच गया साल 2021 में भाव
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