हाथरस। तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण आलू किसानों की मुसीबतें बढ़ रही हैं। पहले गर्मी और फिर पड़ी तेज ठंड का असर अब आलू की फसल पर बीमारी की शक्ल में दिख रहा है। मौसम के इस बदलाव से आलू की फसल में चुर्री रोग आ रहा है, जिससे आलू की औसत फसल होने की संभावनाएं लगातार बढ़ गई हैं। रोग की रोकथाम के लिए किसानों ने उपलब्ध दवाओं का प्रयोग भी किया। लेकिन कोई राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है।
-किसान को तो प्रकृति लगातार पिछले दो सालों से धोखा देती आ रही है। इस वर्ष भी तापमान में लगातार हो रहे बदलाव से आलू चुर्री रोग से ग्रस्त हो गया है।-ज्वाला प्रसाद, किसान मांगरू
-आलू की फसल के लिए तापमान काफी मायने रखता है। मौसम का तापमान अनुकूल नहीं होने से आलू में चुर्री रोग लग गया है, जिससे पैदावार कम होने की संभावना है।-वीरेंद्र सिंह, किसान कैमार
-आलू की फसल तापमान पर काफी निर्भर करती है। अधिक ठंड से इसमें पाला आता है तो गर्मी के कारण चुर्री रोग आ रहा है। इस रोग की दवाओं से रोकथाम की जा सकती है।-डॉ.श्याम सिंह, कृषि वैज्ञानिक