जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में एबीआरसी की नियुक्ति के लिए होने वाली परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। विभाग के अधिकारी यह नहीं समझा पा रहे हैं कि आखिर कौन लोग हैं, जो विभाग की हर छोटी बातें आला अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं।
हालांकि गुरुवार को डीएम के जिले से बाहर होने के कारण इस मामले में जांच का आदेश जारी नहीं हो सका है। चर्चा यह भी रही कि ऐसी क्या गड़बड़ी रही, जिसके चलते परीक्षा रद्द करने की नौबत आई।
ज्ञात रहे कि बेसिक शिक्षा विभाग में एबीआरसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही एबीआरसी बनने के इच्छुक कुछ शिक्षकों ने लगातार अपने-अपने संपर्क सूत्रों के पास पहुंचना शुरू कर दिया था। इनमें से कुछ लोग तो इसके लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक की रकम चुकाने के लिए भी तैयार थे।
शिक्षकों के एबीआरसी बनने के लिए इस उतावलेपन को देखकर ही कुछ लोग सक्रिय हुए। इन लोगों ने इस परीक्षा में आने वाले प्रश्नों का किस प्रकार पता किया, यह तो आने वाले समय में जांच का बिंदु था, लेकिन इसकी भनक बुधवार को परीक्षा से पहले ही डीएम अमित कुमार सिंह को लग गई। इस परीक्षा को लेकर डीएम पहले से ही सतर्क थे।
बुधवार की देर शाम उनको जब एबीआरसी की परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के लीक होने की जानकारी हुई तो इन लोगों को छापा मारकर पकडने के लिए बीएसए रेखा सुमन, डायट प्राचार्य एवं एसडीएम सदर अमिताभ यादव की टीम को गोपनीय तरीके से भेजा, लेकिन इस काम में जुटे लोगों के भी संपर्क सूत्र काफी तेज निकले। छापे की भनक लगते ही यह लोग शिक्षकों को आने के लिए तय किए गए स्थान से भाग गए, फिर भी डीएम ने किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेते हुए इस परीक्षा को आगामी आदेशों तक के लिए स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया, जिससे जुगाड़ से परीक्षा पास करने की जुगत भिड़ा रहे अभ्यर्थियों के मंसूबों को तगड़ा झटका लगा है।