फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: टॉली पर स्थानीय उत्पाद की जगह बेचे जा रहे पॉपकोर्न और फल

विज्ञापन
एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत रेलवे की ट्रॉली पर बिकते केले और पॉपकॉर्न।  संवाद - फोटो : samvad
विज्ञापन
हाथरस सिटी स्टेशन पर एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही है। योजना के तहत दी गई ट्रॉली पर वेंडर स्थानीय उत्पाद हींग, आचार और मुरब्बे की जगह पॉपकोर्न और केले जैसे सामान बेच रहे हैं।
विज्ञापन





हाथरस की पहचान हींग उत्पादन के लिए देशभर में पहचान है। इसके अलावा आचार, मुरब्बे और नमकीन जैसे उत्पादन भी यहां बनाए जा रहे हैं। जिले की पहचान बने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और यात्रियों को उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए उद्देश्य से एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना के तहत इज्जत नगर रेल मंडल ने हाथरस सिटी स्टेशन पर एक विशेष ट्रॉली भेजी थी, ताकी निर्धारित शुल्क जमाकर उद्यमी इस ट्रॉली के जरिये अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकें। करीब 15 दिन पहले इसके लिए आवेदन आने का भी दावा किया था।




15 दिन के लिए ट्रॉली का किराया मात्र एक हजार रुपये है, यानी लगभग 65 रुपये रोज में ट्रॉली मिल जाती है। अब यह योजना अव्यवस्थित नीतियों में घिरी नजर आ रही है। रेलवे स्टेशन पर एक ठेले या कैंटीन से करीब 700 रुपये प्रतिदिन लिए जाते हैं। ऐसे में वेंडर को ट्रॉली का काफी किराया काफी सस्ता पड़ रहा है और उन्होंने ट्रॉली को ले लिया है।
विज्ञापन





एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना की ट्रॉली पर फलों को भी बेचा जा सकता है। फलों के सेवन के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। जो वेंडर्स रेलवे में पंजीकृत हैं, उन्हें ट्रॉली का आवंटन नहीं किया जा रहा। प्रचार प्रसार की व्यवस्था है, उद्यमी चाहें तो आवेदन कर ट्रॉली ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें