वायु प्रदूषण के कारण जिला अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को यहां 168 मरीजों ने अपनी आंखों का परीक्षण कराया। इन्हें आंखों पर चश्मा लगाने व तरलता बनाए रखने के लिए नियमित आई ड्राॅप डालने की सलाह दी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि नमी के कारण गर्म हवाएं और बेहद महीन कण वातावरण से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। साथ ही हवाएं भी तेज नहीं हैं। इस कारण प्रदूषण बढ़ाने वाले बेहद महीन कण जमीन पर ही बने रहते हैं। बीते 15 दिनों में आंखों की समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या बीस फीसदी बढ़ी है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों ने आंखों में जलन व सूखेपन की शिकायत की। वरिष्ठ नेत्र परीक्षण अधिकारी विनोद शर्मा ने बताया कि मिट्टी व कार्बन युक्त हवा के कारण आंखों में जलन व सूखेपन की शिकायत आ रही है। इसलिए जरूरी है कि आंखों पर चश्मा पहनें तथा समय-समय पर आंखों को धोएं।
मोतियाबिंद के लिए 57 मरीज चयनित
जिला अस्पताल से बृहस्पतिवार को 57 मरीजों को चयन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए किया गया। ये लोग काफी समय से परेशान थे। इन लोगों को बस के माध्यम से बाजना, मथुरा ले जाया गया है। बृहस्पतिवार को ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को यह लोग वापस लौटेंगे।