प्रदर्शन कर विरोध जताती भदूरी गांव की महिलाएं।
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सादाबाद के गांव भदूरी में बुधवार को पल्स पोलियो अभियान के तहत पांच साल तक के बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाने गई स्वास्थ्य महकमे की टीम को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। खारे पानी सहित अन्य कई समस्याओं के समाधान न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने अपने बच्चों को दवा नहीं पिलाई। ग्रामीणों ने महकमे की टीम को भी काफी देर तक बंधक बनाए रखा और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
ग्राम पंचायत कुरसंडा के माजरा गांव भदूरी के ग्रामीण गांव में खारे पानी की समस्या से परेशान हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य महकमे की टीम से पीने वाले पानी का इंतजाम कराने की मांग कर रहे थे। यही नहीं, गांव में काफी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं। गीगला से लेकर भदूरी तक सड़क और चकमार्ग की बदहाली से भी ग्रामीणों में गुस्सा था। गांव में कुछ जगह शौचालय बने, लेकिन आज तक उनका भुगतान नहीं हो सका है। इन समस्याओं के समाधान न होने से ग्रामीण नाराज थे।
बुधवार को करीब 11 बजे जब स्वास्थ्य महकमे की बीएचडब्ल्यू भगवान देवी, एसएस श्यामबाबू, आशा कार्यकर्ता गिरजेश देवी सहित अन्य कर्मियों की टीम जब गांव में पांच साल तक के बच्चों को दवा पिलाने पहुंची तो मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। इन ग्रामीणों ने टीम का घेराव कर लिया और काफी देर तक टीम को घेरे रखा। टीम द्वारा काफी समझाने बुझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने।
टीम ने इसकी सूचना सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह को दी, तो मौके पर सीएचसी प्रभारी सहित चिकित्साधिकारी प्रेमपाल शर्मा, कोल्डचेन प्रभारी जुगेंद्र यादव भी पहुंच गए। यह अधिकारी भी ग्रामीणों को दवा पिलाने के लिए राजी नहीं कर सके। अधिकारी अपनी टीम को लेकर गांव से वापस लौट आए। इसकी जानकारी सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ बृजेश राठौर और एसडीएम जयप्रकाश को दी। इसके बाद एसडीएम ने प्रधान और अन्य लोगों को ग्रामीणों को समझाने बुझाने के लिए भेजा। ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया।