गरीब कन्या का कन्यादान करते पुलिस चौकी प्रभारी।
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हाथरस की सादाबाद तहसील के गांव मई की चौकी के प्रभारी प्रमोद शर्मा ने एक गरीब लड़की की शादी कराकर मिसाल पेश की है। उन्होंने दिखा दिया कि पुलिसकर्मी बदमाशों के छक्के छुड़ाने के साथ साथ गरीबों की मदद करने में भी पीछे नहीं हैं।
बता दें कि थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी मई के गांव सिथरापुर में दर्जी जाति का एक गरीब परिवार निवास करता है। इस गरीब परिवार के मुखिया ओमप्रकाश पुत्र पीतांबर सिंह का सांस की बीमारी के चलते अचानक 17 मई को स्वर्गवास हो गया था। मृतक ओमप्रकाश की एक बेटी और चार अबोध पुत्र हैं। बेटी सुमन का रिश्ता ओमप्रकाश ने अपने जीतेजी थाना राया के गांव कूमा बघैना के दुर्गा प्रसाद के पुत्र बौबी के साथ तय कर दिया था।
5 जुलाई को ओमप्रकाश को अपनी पुत्री के हाथ पीले करने थे, लेकिन बेटी के विवाह से दो महीने पहले ही ओमप्रकाश इस दुनिया से रुखसत हो गए। जब इस बात की जानकारी चौकी मई प्रभारी प्रमोद शर्मा को हुई तो वह गांव सिथरापुर पहुंचे और देखा कि एक टीनशेड के छोटे से घर में यह परिवार रह रहा था और ओमप्रकाश की मृत्यु के बाद यह परिवार पूरी तरह से अनाथ हो गया।
प्रमोद शर्मा ने उक्त बेटी को अपनी बहन बताते हुए अपने नाम से आमंत्रण पत्र छपवाकर लोगों को न्योता दिया और विवाह से पूर्व की सभी रस्मों को निभाया। तय कार्यक्रम के तहत पांच जुलाई को गांव सिथरापुर में स्व. ओमप्रकाश के दरवाजे पर बारात आई और चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ सभी बारातियों का आवभगत कर उनका स्वागत किया।
विवाह की सभी रस्में निभाईं तथा फेरों के समय कन्यादान भी लिया। बारात में आए करीब सवा सौ बारातियों की एक-एक टिफिन व दस रुपए देकर मिलनी की रस्म भी निभाई। इसके बाद भरे गले से सुमन को ससुराल के लिए एक भाई की तरह विदा किया। इस मौके पर श्रद्धानुसार दान-दहेज भी दिया। चौकी प्रभारी के इस सामाजिक कार्य की पूरे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जनपद भर में चर्चा है। शादी समारोह में गोबरा के बलवीर सिंह, देवेंद्र तथा जटोई के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र शर्मा, राजकुमार उपाध्याय आदि ने सहयोग किया।