संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
आरोपियों के आने की जानकारी मिलने पर उनके परिजन भी कोर्ट परिसर के बाहर एकत्रित हो गए। अलीगढ़ जेल में जाने के बाद आरोपियों की उनके परिजनों ने शक्ल भी नहीं देखी थी। ऐसे में यह अपने बच्चों से मिलना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें पास नहीं जाने दिया। यह फूट-फूटकर रोई और गिड़गिड़ाई, लेकिन पुलिस ने इन्हें मिलने से रोक दिया। बाद में पुलिस इन्हें सीधे ले गई। वहीं आरोपी पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने कोर्ट से चार्जशीट प्राप्त कर ली है और इसका अध्ययन किया जा रहा है।
आरोपियों के परिजनों की मानें तो जेल में आरोपियों की उनके परिजनों से जेल जाने के बाद मुलाकात नहीं हो सकी। ऐसे में सोमवार को जब चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के लिए लाया गया तो उनकी मां, बहनें, पिता, भाई व अन्य परिजन भी वहां आ गए। इन्होंने कोर्ट परिसर में अंदर जाकर बंदीगृह में आरोपियों से मुलाकात की कोशिश की, लेकिन पुुलिस ने इन्हें अंदर ही नहीं जाने दिया। इस पर इनका जमघट कोर्ट के बाहर ही लगा रहा।
जैसे ही आरोपी कोर्ट के बाहर आए तो फिर परिजनों ने पुलिस से गुहार की कि उन्हें चंद मिनट बातचीत करने दी जाए, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौका नहीं दिया। ऐसे में आरोपी पक्ष के पुरुषों के आंसू छलक गए तो महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। इधर, इस मामले में पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता भागीरथ सिंह सोलंकी का कहना है कि कोर्ट से आज आरोपियों ने चार्जशीट हासिल की है। अब सुनवाई की अगली तिथि 29 जनवरी है। वहीं आरोपियोें के अधिवक्ता का भी यही कहना है कि उन्होंने केस डायरी व चार्जशीट हासिल कर ली है। वह इसका अध्ययन कर रहे हैं।
और बंदी वाहन के पीछे दौड़ पड़ी एक आरोपी की मां
आरोपी लवकुश की मां ने पुलिस के काफी हाथ जोड़े कि उसे उसके बेटे से बात कर लेने दी जाए, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। ऐसे में जब बंदी वाहन चलने लगा तो लवकुश की मां ने इसके पीछे से बेटे से मिलने और बात करने के लिए दौड़ लगा दी। हालांकि फिर भी वह केवल बेटे का चेहरा ही देख पाईं और बातचीत नहीं कर सकी।
मेरा एक लोअर भिजवा देना
आरोपियों ने जब यह देखा कि पुलिस उन्हें उनके परिजनों से मिलने नहीं दे रही तो एक आरोपी ने वहीं से अपने परिजनों को ढांढस बंधाने के मकसद से कहा काफी दूर से बंदी वाहन में बैठते हुए यह कहा कि सब कुछ ठीक चल रहा है। चिंता मत करो। बस मेरा एक लोअर भिजवा देना।
पेशी को आए आरोपियों से मिलने से परिजनों को रोकती पुलिस।- फोटो : HATHRAS