संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन (हाथरस)।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कानऊ में बुधवार को कोतवाली पुलिस और सीओ सिकंदराराऊ पुलिस बल के साथ पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमंत किशोर सिंह के घर पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है। सूचना पर गांव कानऊ और आसपास के ग्रामीणों व समर्थकों की भीड़ वहां पहुंच गई। इन लोगों ने पुलिस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए वहां हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद पुलिस बैरंग लौट गई।
ग्रामीणों का कहना था थाना पुलिस ने राजनीतिक दबाव में सुमंत किशोर सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति के अपहरण और उसे बंधक बनाने का फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। यह उन्हें ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने से रोकने का षडयंत्र है। ग्रामीणों का कहना था कि थाने में चल रहे भ्रष्टाचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने और अधिकारियों को सच्चाई से अवगत कराने के कारण थानाध्यक्ष पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि से रंजिश मानने लगे हैं।
पुलिस जिस व्यक्ति के गायब होने और उसके परिजनों द्वारा मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रही है, वह पूरी तरह झूठ है। पुलिस जिस व्यक्ति के अपहरण की बात कह रही है, उस व्यक्ति को थानाध्यक्ष सोमवार की रात को कोतवाली से लेकर उसे उसके घर छोड़ने गए थे तो फिर सुमंत किशोर ने इस व्यक्ति को कैसे बंधक बना लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि थानाध्यक्ष राजनीतिक दबाव के चलते सुमंत किशोर को गिरफ्तार करना चाहते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर थानाध्यक्ष व पुलिस को ही ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ना है तो वह खुले रूप में चुनाव लड़ सकते हैं। आखिर बेवजह दूसरे पक्ष से साठगांठ कर झूठा मुकदमा दर्ज कर दूसरे दावेदार की जीत क्यों कराना चाह रहे हैं।
सुमंत किशोर कोई अपराधी या आतंकवादी नहीं हैं, जो पुलिस उनको गिरफ्तार करने के लिए आई थी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर सुमंत किशोर सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमा खारिज नहीं हुआ तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
हंगामे को देखते हुए गांव में हाथरस जंक्शन और सिकंदराराऊ कोतवाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए सीओ सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों के सामने ही सुमंत किशोर सिंह से बातचीत की और कहा कि वह सीओ है सीओ ही रहेंगे, कोतवाली में कोतवाल ही रहेंगे और ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुख ही रहेंगे। चेहरे बदल सकते हैं मगर पद नहीं। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस कर्मी शांत हो गए।
इस बारे में सीओ सुरेंद्र सिंह ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। थानाध्यक्ष मृदुल कुमार सिंह का कहना था कि वह पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति सहित कई लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच के लिए गए थे। वहां सुमंत किशोर सिंह ने अपने गांव के लोगों के साथ मिलकर सरकारी कार्य में अवरोध उत्पन्न करते हुए भीड़-भाड़ इकट्ठी कर ली।
पुलिस-प्रशासन द्वारा पुराने चंदपा प्रकरण को लेकर उनको निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व में कोतवाली में हो रहे भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल करने पर थानाध्यक्ष उनके विपक्षी दावेदार और अन्य क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में आकर उनको फंसाना चाहते हैं। इसी द्वेषभावना से वह उन्हें पुलिस बल के साथ गिरफ्तार करने आए थे। -सुमंत किशोर सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि