प्रयागराज में महाकुंभ में हुए हादसे के बाद हाथरस से गए यात्री सकुशल लौट आए हैं, जिससे उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। इन लोगों ने बताया कि महाकुंभ में पुलिस वीआईपी की सुरक्षा में लगी रही। वहां रास्ता बताने वाला भी कोई नहीं था।
शहर से पांच निजी बसों से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के शाही स्नान में शामिल होने गए थे। इसके अलावा रोडवेज बसों और ट्रेनों से भी यात्री वहां गए थे। इस तरह शहर से 500 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के कुंभ में जाने की संभावना थी। हादसे के बाद से इन यात्रियों के परिजन बेचैन थे और वह फोन कर उनकी कुशलता जान रहे थे। उनके कुशल होने की जानकारी मिलने के बाद ही परिजनों ने राहत की सांस ली थी।
बृहस्पतिवार को इनमें से ज्यादातर लोग घर लौट आए। सीकनापान गली निवासी रामजी वार्ष्णेय ने बताया कि भीड़ होने के कारण वहां टेंपो आदि की सुविधा बंद है। करीब छह से आठ किलोमीटर का सफर पैदल तय कर स्टेशन पहुंचना पड़ा। इस दौरान ट्रेन छूटने की चिंता भी सताती रही। रमनपुर निवासी अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रयागराज में भीड़ बहुत है। इस कारण अव्यवस्थाएं हैं। पैदल ज्यादा चलना पड़ रहा है। भीड़ के कारण ही साथ में बिछड़ गए थे। कोई दो घंटे तो कोई तीन घंटे में स्टेशन पर आकर मिला। बाहर का पुलिस बल होने के चलते उन्हें वहां के रास्तों की जानकारी नहीं है, इसलिए श्रद्धालुओं को भटकना पड़ रहा है।