दिवाली पर अवैध आतिशबाजी और देसी पटाखे बनाकर मोटी कमाई करने के इरादे से जमा किए जा रहे अवैध बारूद के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस व प्रशासनिक की कार्रवाई से अवैध पोटाश, गंधक और कलमी शोरा का कारोबार करने वाले रसूखदारों और मुनाफाखोरों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य पटाखा कारोबारियों और अवैध रसायन का भंडारण करने वालों में खलबली मची हुई है। कोतवाली नगर पुलिस ने अहियापुर निवासी राम वार्ष्णेय के जलेसर रोड स्थित किराये के गोदाम व अहियापुर रोड स्थित मकान पर दबिश दी थी। मौके से 37 प्लास्टिक के कट्टों में 1750 किलो पोटाश और सात कट्टों में 350 किलो गंधक बरामद किया गया था।
बुधवार को पुलिस ने आरोपी राम वार्ष्णेय को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर, आरोपी मनोज के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान पोटाश के 441 कट्टे (कुल वजन 22 टन) तथा गंधक के 12 कट्टे (कुल वजन 600 किलोग्राम) बरामद किए गए। आरोपी मनोज को फरीदाबाद पुलिस अपने साथ ले गई है।
तीन बड़े व्यापारी फरार, मुकदमे दर्ज
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने भी 177 कट्टे पोटाश और 45 कट्टे गंधक के बरामद किए हैं। यहां से कुल आठ टन अवैध विस्फोटक रसायन जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में रौनक वार्ष्णेय, लकी वार्ष्णेय और कपिल के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
देसी पटाखे बनाने में होता है गंधक-पोटाश का इस्तेमाल
गंधक व पोटाश का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर देसी पटाखे और तेज धमाके वाले आतिशबाजी सामान बनाने में किया जाता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण चल रहा है। किसी सुरक्षा मानकों और बिना लाइसेंस के घनी आबादी वाले इलाकों में इतने विशाल पैमाने पर विस्फोटक का भंडारण किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकता था।