हाथरस। पीओ डूडा को अवैध वसूली सहित अन्य गंभीर आरोपों में शासन ने निलंंबित कर दिया है। उनके खिलाफ मुरादाबाद के नगर आयुक्त विभागीय जांच करेंगे और शासन को अपनी रिपोर्ट देंगे। वहीं फिरोजाबाद में तैनात अनुपम गर्ग को यहां जिले में पीओ डूडा के पद पर तैनाती दे दी गई है।
पिछले दिनों परियोजना अधिकारी नगरीय विकास अभिकरण अंजू सिंह के खिलाफ उच्च स्तर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसी को लेकर अब शासन ने सख्त कार्रवाई की है। अभिकरण स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक में पीएम आवास योजना शहरी तथा दीनदयाल अन्त्योदय योजना, शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत जिले की प्रगति प्रदेश में अत्यंत खराब पाई गई। परियोजना अधिकारी अंजू सिंह के व्यक्तिगत वाहन चालक पिंटू शर्मा के माध्यम से अवैध वसूली की शिकायत शासन को प्राप्त हुई। शिकायत के आधार पर स्थलीय निरीक्षण व जांच के लिए दो टीमें यहां जिले में भेजी गई। वहीं पीओ डूडा से भी स्पष्टीकरण मांगा गया।
टीम की जांच आख्या 28 नवंबर 2018 और 24 जून 2019 व पीओ डूडा अंजू सिंह के द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शिथिलता बरती जा रही है। वहीं जांच टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्ति वाहन चालक के माध्यम से कार्यालय में कार्य कराने, अवैध वसूली कराने, कर्मचारियों पर नियंत्रण न रखने, विभागीय दायित्वों का निर्वहन में शिथिलता बरतने, योजनाओं के पर्याप्त अनुश्रवण न करने एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने की प्रथम दृष्टया दोषी है। उक्त प्रकरण को गंभीर मानते हुए निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने परियोजना अधिकारी अंजू सिंह को तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया। वहीं पीओ डूडा के खिलाफ जांच के लिए नगर आयुक्त मुरादाबाद को जांच अधिकारी नामित किया है। निलंबन अवधि में अंजू सिंह को जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय मुरादाबाद से संबंद्ध कर दिया गया है। वहीं फिरोजाबाद में तैनात अनुपम गर्ग को यहां जिले में तैनाती दी है।