फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहब मैं जिंदा हूं: शिक्षिका जीवित, एसबीआई ने मरा बताकर खाता किया बंद, बैंक-कस्टमर केयर व चेयरमैन से की शिकायत

Sun, 18 Jan 2026 01:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

शिक्षिका ने बैंक जाकर, कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराके और ऑनलाइन माध्यम से चेयरमैन सहित उच्चाधिकारियों को ई-मेल भेजकर यह स्पष्ट किया कि वह जीवित हैं, फिर भी खाते को सक्रिय नहीं किया गया है।
विज्ञापन
संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत रखती शिक्षिका - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सादाबाद तहसील सभागार में 17 जनवरी को आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में हाथरस जिले में बैंकिंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। एक शिक्षिका ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि साहब मैं जिंदा हूं, मेरा बैंक खाता चालू करा दीजिए। मैं खाता सक्रिय कराने के लिए बैंक अधिकारियों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी हूं।

विज्ञापन


मामला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हाथरस में कार्यरत सहायक शिक्षिका कुमुद शर्मा से जुड़ा है। शिक्षिका ने बताया कि 21 नवंबर 2025 को उन्हें जानकारी मिली कि उनका एसबीआई मुख्य शाखा का खाता ‘डिसीज्ड’ दिखाकर निष्क्रिय कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने लगातार बैंक जाकर, कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराके और ऑनलाइन माध्यम से चेयरमैन सहित उच्चाधिकारियों को ई-मेल भेजकर यह स्पष्ट किया कि वह जीवित हैं, फिर भी खाते को सक्रिय नहीं किया गया है।
विज्ञापन

शिक्षिका का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में 13 जनवरी को जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) को भी व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत भेजी, क्योंकि एलडीएम कार्यालय समय में उपलब्ध नहीं रहते। शाम करीब सात बजे वह केनरा बैंक की एलआईसी शाखा में एलडीएम से मिलीं, लेकिन उन्होंने शिकायत पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई और बिना समाधान के उन्हें टाल दिया। वह अकेले सड़क पर आधे घंटे तक इंतजार करतीं रहीं, लेकिन उन्हें केवल आवेदन कार्यालय में देने की बात कहकर लौटा दिया गया, जबकि यह जानकारी पहले ही दी जा सकती थी। शिक्षिका ने बताया कि उनके माता-पिता और पति का पूर्व में निधन हो चुका है और वह अपनी छोटी बच्ची के साथ अकेली रहती हैं।
विज्ञापन


ऐसे में बैंक द्वारा उन्हें मृत घोषित किया जाना और बार-बार यह साबित करने को मजबूर किया जाना कि वह जीवित हैं, उनके लिए गहरा मानसिक आघात और उत्पीड़न है। पीड़िता ने जिलाधिकारी के नाम शिकायती पत्र देकर खाते को शीघ्र सक्रिय कराने और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें