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स्कूलाें में बच्चों की सेहत से खिलवाड़

Tue, 26 Apr 2016 12:09 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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एक प्राइमरी स्कूल में शोपीस बना वाटर प्यूरीफायर सिस्टम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सेहत और स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है। स्कूलों में खारे और दूषित पानी की समस्या से विद्यार्थियों को मुक्ति दिलाने का सपना आज तक साकार नहीं हो पाया है। ब्लॉक हाथरस, सहपऊ और सादाबाद के 250 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयाें में लाखों रुपये खर्च करके वाटर प्यूरीफायर मशीन लगवाई गई थीं। इसके लिए विभाग ने 30 हजार रुपये प्रति मशीन के हिसाब से मोटी कीमत भी चुकाई। इसके बावजूद विभाग के इन स्कूलों यह मशीनें सिर्फ दिखावटी बनकर रह गई हैं और इन स्कूलों के बच्चे खारा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में बच्चों की सेहत के नाम पर सिर्फ खानापूरी होती है, जिससे विभाग की सभी योजनाएं कागजों पर ही दम तोड़ रही हैं। 
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शुद्ध पानी देने को लगीं थीं प्यूरीफायर मशीन
जिले में पानी की स्थिति काफी खराब है। पूरे जिले में पीने के पानी की स्थिति में टीडीएस 500 से लेकर 2000 तक है, जिसमें हाथरस और सहपऊ ब्लॉक के कुछ इलाकों में तो नमकीन पानी है, जिसे पीना तो दूर, चखने वाले की जुबां भी खराब हो जाती है। पूरे जिले में पानी स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। खारे पानी की समस्या से निपटने के लिए ही प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों वाटर प्यूरीफायर मशीनें लगाई र्गइं, लेकिन किसी भी विद्यालय में इन मशीनों का कोई लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है। बड़ी संख्या में स्कूलों में पीने के पानी के हैंडपंप भी खराब पडे़ हैं, जिससे विद्यार्थियों को पीने का पानी ही नसीब नहीं होता।
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-सभी योजनाओं का विधिवत रूप से संचालन कराने के निर्देश समय-समय पर जारी किए जाते हैं। निरीक्षण में जहां भी खामी मिलती हैं, विधिवत रूप से कार्यवाही होती रहती है।
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-देवेंद्र कुमार गुप्ता, बीएसए
 
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