शहर के मुरसान गेट निवासी हरीश शर्मा के छोटे बेटे रोहित शर्मा का आगामी 1 जुलाई को जन्मदिन था। 18 साल का होते ही वह वयस्क हो जाता और सेना में अफसर बनने के अपने सपने के और करीब पहुंच जाता, लेकिन इस तारीख के आने से पहले ही काल ने उसे छीन लिया।
रोहित अपने जन्मदिन को लेकर बेहद उत्साहित था। तीन दिन पहले ही उसने फोन पर अपने पिता से दोस्तों को बर्थडे पार्टी देने की बात कही थी। लाडले की खुशी के लिए पिता ने उसके खाते में पैसे भी ट्रांसफर कर दिए थे।
पिता हरीश शर्मा ने बताया कि परिवार ने योजना बनाई थी कि इस बार 1 जुलाई को वे खुद लखनऊ जाएंगे और रोहित को उसके हॉस्टल में अचानक पहुंचकर सरप्राइज देंगे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि लखनऊ से सरप्राइज देने की खुशी, हमेशा-हमेशा के गहरे जख्म में बदल जाएगी।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था सबका लाडला
रोहित अपने तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था, इसलिए वह पूरी कॉलोनी और परिवार का सबसे चहेता था। बीएलएस से हाईस्कूल करने के बाद जब वह डेढ़ साल पहले एनडीए की तैयारी के लिए लखनऊ गया, तो पूरे परिवार को उम्मीद थी कि वह देश की सेवा कर उनका नाम रोशन करेगा।
मां और भाई-बहन का छूटा धैर्य
होनहार बेटे की अचानक मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। मां लीना का रो-रोकर बुरा हाल है, उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह बार-बार अपने लाडले के जन्मदिन की बातों को याद कर बेसुध हो रही हैं। बड़ा भाई हर्ष और बहन हर्षिता भी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।