नगर पंचायत के वाहन गोदाम पर हड़ताल के दौरान एकत्रित हुए सफाई कर्मी। स्रोत : साेशल मीडिया
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नगर पंचायत के कुछ आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को काम से हटाए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को सफाई व्यवस्था का पहिया थम गया। आक्रोशित आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। उनके समर्थन में संविदा और नियमित सफाई कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार में शामिल हो गए। नगर में कूड़े के ढेर लग गए हैं।
सफाई कर्मचारी तहसील रोड स्थित नगर पंचायत के वाहन गोदाम पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और कहा कि जब तक हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा काम पर नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनरतले कुछ दिन पूर्व सफाई कर्मचारियों ने नगर पंचायत के ईओ सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। इसमें काम से हटाए गए आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को पुनः बहाल करने की मांग की गई थी।
कर्मचारियों ने अधिकारियों को मांग पूरी करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज कर्मचारियों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पूर्व काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। बृहस्पतिवार सुबह नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थलों पर नहीं पहुंचे। इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दिया।
जवाहर बाजार, चौक बाजार, रोडवेज बस स्टैंड, विनोवा नगर चौराहा और आगरा चुंगी समेत प्रमुख स्थानों पर कूड़ा जमा होता रहा। सब्जी मंडी के आसपास भी गंदगी के ढेर लगे रहे। दिन चढ़ने के साथ कूड़े की मात्रा बढ़ती गई और दुर्गंध भी फैलने लगी। नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि राधारमन अग्रवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी मांग को लेकर अड़े हुए हैं। उनसे वार्ता चल रही है और शुक्रवार तक समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
इन स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर हड़ताल के चलते सुभाष गली, मुरसान रोड, महर्षि वाल्मीकि वाटिका, वासुदेव विद्या मंदिर के निकट, मोहल्ला चावड़वाला और कस्बा कोठी द्वार सहित अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। कूड़े से उठती दुर्गंध के कारण लोगों को घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया।