सलमान कुत्ते के बच्चों से प्रेम करता था और उन्हें पालता था। तीन माह पूर्व सलमान ने कस्बा से एक पिल्ले को अपने घर लाकर उपचार किया उसके बाद उसे अपने पास ही रख लिया।वह पिल्ले को अपने पास रखता, खिलाता-पिलाता और अपने पास ही सुलाता था। इस दौरान पिल्ले ने एक बार उसे खरोंच दिया।
कस्बा के मोहल्ला शीशग्रान निवासी एक युवक को अपने कुत्ते से प्रेम महंगा पड़ गया। पालतू कुत्ते ने युवक को खरोंच दिया। इलाज में लापरवाही बरतने पर कुछ दिनों बाद रैबीज से युवक की मौत हो गई।
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मोहल्ला शीशग्रान निवासी सलमान सिद्दीकी (18) पुत्र कल्लू खां चूडी बनाने के कारखाने में काम करता था। सलमान कुत्ते के बच्चों से प्रेम करता था और उन्हें पालता था। तीन माह पूर्व सलमान ने कस्बा से एक पिल्ले को अपने घर लाकर उपचार किया उसके बाद उसे अपने पास ही रख लिया।
वह पिल्ले को अपने पास रखता, खिलाता-पिलाता और अपने पास ही सुलाता था। इस दौरान पिल्ले ने एक बार उसे खरोंच दिया। सलमान ने बिना जांच कराए दवाएं ले ली लेकिन रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया। कुछ दिनों बाद उसमें रैबीज का लक्षण दिखने लगा। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे हाथरस, अलीगढ़ आगरा व दिल्ली लेकर गए। सभी जगहों पर चिकित्सकों ने उसमें रैबीज का असर देख उपचार करने से इंकार कर दिया। दिल्ली से वापस लाने पर सलमान ने तड़प-तड़प कर जान दे दी।