बिना टिकट पकड़े गए यात्रियों को ले जाती आरपीएफ।
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सिटी रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए बेटिकट यात्रियों की सिफारिश में पहुंचे दो हिंदूवादी नेता उस समय बुरे फंस गए जब आरपीएफ ने प्लेटफार्म टिकट नहीं होने पर उन्हें भी चौकी पर बिठा लिया। आरपीएफ दोनों नेताओं का चालान करने जा रही थी, इससे पहले ही तमाम हिंदूवादी नेता स्टेशन पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। चार घंटे तक आरपीएफ और हिंदूवादी नेताओं के बीच जमकर नोक-झाेंक हुई। बाद में आरपीएफ ने हिदायत देकर दोनों नेताओं को छोड़ दिया।
आरपीएफ मंगलवार को विशेष अभियान के तहत रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों का चालान कर रही थी।
बिना टिकट यात्रा करने, बिना टिकट प्लेटफार्म पर घूमने, महिला डिब्बे में सफर करने और पायदान पर खड़े होकर यात्रा करने के आरोप में आरपीएफ ने 14 यात्रियों का चालान किया था। इसमें से दो छात्र राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े बताए जाते हैं। इन छात्रों ने फोन कर भाजपा और आरएसएस के पदाधिकारियों को वहां बुला लिया। आरएसएस के नगर प्रचारक अनुराग और भाजपा के नगर मंत्री रत्नेश चटर्जी वहां पहुंच गए।
इन दोनाें नेताओं ने स्टेशन पर चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार से इनकी सिफारिश की। इस पर चौकी इंचार्ज ने नेताओं से प्लेटफॉर्म टिकट होने के बारे में पूछ लिया। टिकट नहीं होने पर इन दोनों नेताओं को भी आरपीएफ प्रभारी ने पकड़े गए आरोपियों के साथ अंदर कर दिया। दोनों नेताओं में से एक संगठन में काफी अहम पद पर है। लिहाजा, भाजपा समेत दूसरे हिंदू संगठनों में नेताओं को छुड़ाने की होड़ मच गई। एक के बाद एक नेता सिटी स्टेशन पहुंचने लगे। हिंदूवादी नेताओं की भीड़ देखकर चौकी के अंदर मौजूद दोनों नेताओं में जोश भर आया। चौकी पर हिंदूवादियों और आरपीएफ कर्मियों की नोक-झोंक शुरू हो गई। चार घंटे तक चौकी पर नेताओं ने जमकर पसीना बहाया। बाद में चौकी इंचार्ज दोनों नेताओं को छोड़ने पर राजी हो गए। हिदायत देकर नेताओं को चौकी से जाने दिया गया।