आरोप है कि प्रोफेसर चंद्रशेखर रावल 15 जनवरी से सात मार्च तक महाविद्यालय से बिना कार्यमुक्त हुए वह पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के लिए गोरखपुर चले गए। इसके अलावा उन पर वर्ष 2014 में अनुशासनहीनता बरतने, वर्ष 2023 में प्राचार्य से अनुचित एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप है।
हाथरस के बागला डिग्री कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता प्रोफेसर चंद्रशेखर रावल को प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया है। उन पर अनुशासनहीनता, दायित्वों का निर्वहन न करने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन न करने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने सहित कई गंभीर आरोप हैं।
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प्रबंध समिति के सचिव प्रदीप कुमार बागला ने निलंबन आदेश में कहा है कि 10 जनवरी 2025 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका उत्तर देने के लिए 30 दिन का समय था, लेकिन बार-बार समय देने के बावजूद रावल ने कोई उत्तर नहीं दिया। इसके चलते समिति ने बैठक कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आरोप है कि वह 15 जनवरी से सात मार्च तक महाविद्यालय से बिना कार्यमुक्त हुए वह पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के लिए गोरखपुर चले गए। इसके अलावा उन पर वर्ष 2014 में अनुशासनहीनता बरतने, वर्ष 2023 में प्राचार्य से अनुचित एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप है। इसे लेकर उन्होंने भविष्य में किसी प्रकार की कोई अभद्रता न करने का शपथ पत्र दिया था। 2023 में ही औचक निरीक्षण के दौरान वह कक्षा में अनुपस्थित थे।
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वर्ष 2024 में खाली पदों पर नियुक्ति को लेकर उन पर महाविद्यालय की छवि को धूमिल करते हुए प्राचार्य व प्रबंध तंत्र पर भी घोर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। आदेश में कहा गया है कि 31 जनवरी को आयोजित विश्वविद्यालय की परीक्षा में इनकी ड्यूटी उड़न दस्ते में लगाई गई थी, लेकिन वह कॉलेज में अनुपस्थित थे। आदेश के मुताबिक निलंबन के दौरान चंद्रशेखर रावल को हर रोज सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक महाविद्यालय में उपस्थित रहना होगा और वह बिना प्राचार्य की अनुमति के शहर के बाहर नहीं जा सकेंगे।