उत्तर प्रदेश लेखा विभाग के ऑडिट में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। नियम पर ताक पर रखकर भुगतान कर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय निकाय ही नहीं बल्कि जीएसटी और आयकर विभाग को भी वित्तीय हानि पहुंचाई।
नगर पालिका परिषद हाथरस एवं सिकंदराराऊ में 2.35 करोड़ की आर्थिक क्षति पकड़ी है। वर्ष 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि परिषद हाथरस में पालिका प्रशासन ने सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों व सफाई नायकों के विधिक व्यावसायिक लाइसेंस नहीं बनाए इससे 9.65 लाख रुपये का नुकसान हुआ। स्वास्थ्य विभाग व प्रकाश विभाग से क्रय की गई सामग्रियों के भुगतान से वैट कटौती न करके 29.47 लाख की राजस्व हानि पहुंचाई। नगर पालिका परिषद सिकंदराराऊ में वर्ष 2017-18 में विद्युत एवं टेलीफोन विभाग पर पिछला बकाये व अग्रेत्तर मांग स्थापित कर वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की और इससे पालिका निधि को 1.96 करोड़ की राजस्व हानि हुई।
नगर पंचायत पुरदिलनगर में वर्ष 2017-18 में विभिन्न मदों में आय प्राप्त न होने से 13.70 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पकड़ी है। नगर पंचायत हसायन में वर्ष 2017-18 में क्रय की गई सामग्रियों के भुगतान से 10 प्रतिशत जमानत न काटे जाने से और स्रोत पर वैट व आयकर न काटे जाने से 3.57 लाख और वर्ष 2011 से 2021 तक दो पंचवर्षीय गृहकर में संशोधन न करने से 17 लाख की राजस्व हानि पकड़ी है।
नगर पंचायत सादाबाद में वर्ष 2016-17 में लोनिवि की सड़क पर इंटर लॉकिंग का भुगतान से 53.44 लाख और बिना स्वामित्व की पुरानी गोशाला में निर्माण के भुगतान से 25.08 लाख की आर्थिक क्षति पकड़ी है। नगर पंचायत मुरसान में वर्ष 2016-17 में भवन कर की वसूली ना करने से 9.19 लाख और गत वर्षों के विविध ठेकाजात की बकाया वसूली ना करने से 4.28 लाख की राजस्व हानि पकड़ी है। नगर पंचायत मेंडू में वर्ष 2017-18 में 18.89 लाख का अमान्य भुगतान और शासनादेश के विरुद्ध संस्था को रिपीट ऑर्डर देने से 33.08 लाख की आर्थिक हानि पकड़ी है।