मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। कभी पारा चढ़ने तो कभी पारा गिरने से मौसम लोगों को बीमार बना रहा है। सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दिनों शहर से लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्र तक बुखार का प्रकोप चरम पर है। बागला जिला अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों की कतारें लगी हुई हैं। ऐसे में जरूरत है लोगों को मौसम के बदलाव से सावधान रहने की।
शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में बागला संयुक्त जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। सुबह से ही अस्पताल में मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पर्चा, दवा काउंटर व लैब पर मरीजों व तीमारदारों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। कुछ ऐसा ही हाल ओपीडी का रहा। ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष पूरी तरह से मरीजों की कतारें लगी रहीं।
काफी देर इंतजार करने के बाद मरीजों का नंबर आया। तब कहीं जाकर मरीजों ने डॉक्टर को दिखाया। शहर के निजी चिकित्सालयों में भी मरीजों की भीड़ है। यहां सुबह से शाम तक मरीजों की लाइन लगी हुई है। मरीज निजी चिकित्सकों के यहां पर्चा व दवाओं के नाम पर मोटा पैसा खर्च कर रहे हैं। इस मौसम का अप्रशिक्षित चिकित्सक भी फायदा उठा रहे हैं। खासकर ग्रामीण अंचल में अप्रशिक्षित डॉक्टर लोगों की जान से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं।
दिन में धूप के तेवर तल्ख बने हुए हैं तो रात्रि में पारा गिरने से मौसम में ठंडक बनी हुई है। मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। कुछ सावधानियों का ध्यान जरूर रखें, जिससे खुद को स्वस्थ रख सकें। उल्टी, दस्त, बुखार, एलर्जी आदि के काफी मरीज आ रहे हैं। हर दिन ओपीडी में डेढ़ से दो हजार मरीज अलग-अलग बीमारी के आ रहे हैं। सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों की जांच भी कराई जा रही हैं।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बागला जिला अस्पताल।
डेंगू और बुखार से बचाव के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें
-बारिश के बाद अपने घर के आसपास पानी जमा होने की जांच करें। सभी पानी के कंटेनरों/ओवरहेड टैंकों को ठीक से ढककर रखें।
-हफ्ते में एक बार घरों, कार्यालयों, कारखानों, स्कूलों आदि में सभी कूलरों और कंटेनरों को साफ करके सुखाएं।
-हर हफ्ते फ्रिज की पिछली ट्रे में पानी जमा होने की जांच करें और उन्हें अच्छे से सुखाएं।
-पक्षियों और जानवरों को खिलाने वाले बर्तन डेंगू का कारण बनने वाले मच्छर के प्रजनन का संभावित स्रोत हैं, इसलिए इन्हें स्क्रब से साफ करें और हर हफ्ते पानी बदलें।
-मच्छरों के काटने से बचने के लिए दिन के समय खुले हिस्सों पर मच्छर निरोधक का प्रयोग करें।
-मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के और लंबे कपड़े व पतलून पहनें,जो हाथ और पैरों को ढके।