गर्मी की छुट्टियों और विवाह सीजन के चलते ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ अभी भी कम नहीं हुई है। हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन सहित जिले के आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट लेने के लिए यात्रियों को 10 से 12 घंटे पहले से कतार में लगानी पड़ रही है। पूरी रात स्टेशन पर ही काटनी पड़ रही है।
हालात यह हैं कि हाथरस सिटी सहित जनपद के कई रेलवे स्टेशनों के आरक्षण केंद्र पर एक दिन पहले रात से ही यात्री अपनी बारी सुरक्षित करने के लिए पहुंच रहे हैं। कई लोग फर्श पर बैठकर और चादर बिछाकर सुबह तक इंतजार करते हैं। तत्काल आरक्षण का समय शुरू होने से पहले मुख्य वाणिज्य अधीक्षक की ओर से फाॅर्म पर नंबर अंकित किए जाने के बाद यात्री राहत की सांस लेते हैं।
इसमें पहले व दूसरे नंबर पर खड़े होने वाले यात्रियों को ही बमुश्किल कन्फर्म बर्थ मिल पा रही है। यात्रियों का कहना है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, जम्मू और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक दबाव है। ऑनलाइन बुकिंग साइट से भी टिकट जारी करना काफी मुश्किल हो रहा है।
मुख्य वाणिज्य अधीक्षक विपिन सारस्वत का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह तक छुट्टियों के कारण ट्रेनों में दबाव बना रहेगा। जुलाई में विद्यालय और शिक्षण संस्थान खुलने के बाद यात्रियों की संख्या में कुछ कमी आने की उम्मीद है, जिससे तत्काल टिकट मिलने की स्थिति में भी सुधार हो सकता है।
मुझे कर्नाटक जाना है, इसलिए मैं रात करीब 10 बजे ही आकर कतार में लग गया था। सुबह नंबर तो पहला था, लेकिन टिकट मिलने तक यही चिंता बनी रही कि कहीं सीटें खत्म न हो जाएं। इतनी लंबी लाइन के बाद कन्फर्म टिकट मिला है।
-प्रतीक कुमार, यात्री।
ऑनलाइन कोशिश कई बार की, लेकिन टिकट नहीं मिला। मजबूरी में स्टेशन आकर पूरी रात इंतजार करना पड़ा। तत्काल टिकट अब किस्मत का खेल बन गया है। आज पहला नंबर है, अब कन्फर्म टिकट मिला है।
-पुनीत कुमार, यात्री।