गांव बहादुरपुर में बवंडर के बाद रास्ते में गिरे पेड़ों को काटकर रास्ता साफ करते ग्रामीण
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क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में बृहस्पतिवार को आए बवंडर से मची तबाही के बाद ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ऐसा भयानक दृश्य अपने जीवन में कभी भी नहीं देखा। जिस समय बवंडर में पेड़ टूटकर गिर रहे थे, उस समय उनकी सांसें अटकी हुई थीं। सभी ऊपर वाले से दुआ कर रहे थे कि कोई जनहानि न हो। बवंडर के उस भयानक दृश्य को याद कर ग्रामीण सिहर उठते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जैसे बवंडर थमा, वह धराशाई हुए पेड़ों के नीचे दबे अपने मवेशियों को निकालने में जुट गए। गनीमत रही कि पेड़ों की चपेट में आकर उनके मवेशी केवल घायल हुए। उनको ज्यादा चोट नहीं आई। बिजली के खंभे टूटने से गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इधर, टूटे खंभों की मरम्मत और धराशाई हुए खंभों की जगह नए लगवाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। बहादुरपुर देवकरण एटा जिले की सीमा पर बसा गांव है। इस गांव को बिजली एटा जिले से मिलती है, जबकि वह बिल हाथरस जिले में भरते हैं। लिहाजा खंभों की मरम्मत का कार्य दो जिलों के बीच फंस गया है। सहपऊ विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता नेम सिंह वर्मा का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना एटा जिले के विद्युत उपकेंद्र बेरनी पर दे दी है। जल्द ही खंभों और लाइनों को दुरुस्त कराके आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।