हाथरस। रेल बजट में तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज निर्माण को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जून-जुलाई से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने की उम्मीद लग रही है।डीएम शमीम अहमद खान का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद केंद्र सरकार से ओवर ब्रिज निर्माण के लिए बजट का ट्रांजेक्शन होगा। इसके बाद प्रोजेक्ट तैयार करने में कुछ समय लग सकता है। नक्शा तैयार करने के बाद गर्मियों से ब्रिज निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ओवर ब्रिज को बजट में शामिल किए जाने के लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। प्रशासन की कोशिशों के कारण ही ओवर ब्रिज को उसके आखिरी मुकाम तक पहुंचाया जा सका। इस ब्रिज के निर्माण के लिए यूपी सरकार ने अपने हिस्से की राशि देने की मंजूरी पहले ही दे दी थी। इस पर करीब 28 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। रेलवे के ब्रिज को हरी झंडी दिखाने के बाद बड़ा रोड़ा दूर हो गया है।
आसान नहीं होगा नक्शा तैयार करनाओवर ब्रिज के निर्माण में सबसे ज्यादा मुश्किल इसका नक्शा तैयार करने में आएगी। गांधी तिराहे से तालाब चौराहे तक सड़क में मामूली घुमाव है लेकिन सदर कोतवाली से आगे सड़क काफी घूम जाती है। ऐसे में इंजीनियरों के लिए ओवर ब्रिज को चौराहे के दोनों ओर बराबर लंबाई का रखते हुए घुमाव से पहले खत्म करना होगा। इसकी डिजायन तैयार करने में इंजीनियरों को मेहनत करनी पड़ेगी।
यूपी सरकार से दोबारा लेना पड़ेगा बजटओवर ब्रिज निर्माण के लिए जुटे जिला प्रशासन के लिए दूसरी चुनौती होगी यूपी सरकार से ब्रिज निर्माण के लिए मिला बजट। यह बजट वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ लैप्स हो जाएगा, जबकि ओवर ब्रिज का निर्माण अगले वित्तीय वर्ष में शुरू हो सकेगा। जिला प्रशासन को लैप्स होने वाले बजट को अगले वित्तीय वर्ष में रिवाइज कराना होगा। डीएम शमीम अहमद खान का कहना है कि रेलवे आठ बिंदुओं पर ब्रिज निर्माण को मंजूरी दे चुकी है। सरकार से दोबारा बजट हासिल करने की पूरी कोशिश की जाएगी। -------------बंद हो सकता है तालाब रेलवे फाटकब्रिज निर्माण के बाद दीवार लगाकर फाटक को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। रेलवे नए पुलों को स्वीकृति देने में इस शर्त को भी साथ जोड़ रही है। आरओबी वाली क्रॉसिंग को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, जिससे चौराहा पार करने के लिए लोगों को ब्रिज का इस्तेमाल करना होगा या बागला कॉलेज मार्ग पर मौजूद रेलवे फाटक से गुजरना होगा।
ओवर ब्रिज निर्माण पर जताई खुशीहाथरस। अखिल ब्राह्मण सेवा मंडल ने रेल बजट पर हाथरस को मिले ओवर व्रिज व मथुरा कानपुर रूट के विद्युतीकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। अध्यक्ष संजीव उपाध्याय ने बजट की सराहना करते हुए कहा है कि ओवर ब्रिज निर्माण से शहर के विकास को पंख लगेंगे। सचिव हरीमोहन शर्मा का कहना है कि सरकार को आगरा-बरेली रूट पर अंतोदय और उदय जैसी ट्रेनों का संचालन करना चाहिए। वहीं किसान नेता रामबाबू सिंह चौहान ने बजट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि रेल मंत्री ने वीवीआईपी लोगों की सुविधा का ख्याल किया है। विद्यार्थियों को इससे उपेक्षित रखा गया है।
बोले बाशिंदे--ओवर ब्रिज निर्माण को रेल बजट में शामिल किया जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। अब तालाब चौराहे पर जाम बस कुछ महीनाें की बात है। -धर्मवीर सिंह
ओवर ब्रिज की जरूरत शहर को कई सालों से है। देर से ही सही ब्रिज बनने से शहर में जाम की समस्या खत्म होगी। शहर के लोगों को राहत मिलेगी। -हरिओम
बागला अस्पताल की एंबुलेंस कई बार फाटक बंद होने पर या जाम लगा होने पर देर तक फंसी रहती हैं। ओवर ब्रिज से मरीजों को दिक्कत नहीं होगी। -मनमोहन शर्मा
शहर के लोगों को नहीं, बल्कि आगरा-अलीगढ़ के लोगों को भी फायदा होगा। जाम के कारण बसें और अन्य वाहन कई घंटे तक शहर में फंसे रहते हैं। -पंकज शर्मा