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Hathras News: सोशल मीडिया पर स्कूलों की बदहाली का शोर, सरकार ने मांगी रिपोर्ट

Sun, 23 Aug 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाएं का मुद्दा सोशल मीडिया पर छाने से अब सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। सुर्खियां बटोर रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के अभियान के बाद अब शासन स्तर से सक्रियता बढ़ गई है। 17 अगस्त को मुख्यमंत्री की वीसी के बाद सीडीओ ने सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए 19 बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है।
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इस चेक लिस्ट के अनुसार स्कूल भवन, कक्षाओं, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर समेत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति ठीक कराई जानी है। इस क्रम में विद्यालयों की बाउंड्री से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जिन विद्यालयों में कमी मिलेंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा। इसके लिए सीडीओ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक सहित छह जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक दिन एक-एक विद्यालय का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।


सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार से परेशान

दरअसल, विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बनने वाली धारणा भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में स्कूलों की बदहाली से जुड़े वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने की कवायद तेज होना, इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस रिपोर्ट प्रक्रिया को सोशल मीडिया अभियान पर लगाम लगाने के उद्देश्य से शुरू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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19 बिंदुओं की प्रमुख बातें


- विद्यालयों में बाउंड्रीवाल का निर्माण और ऑपरेशन के 19 पैरामीटर पर कायाकल्प का कार्य पूरा किया जाए।
- निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की वीडियोग्राफी कराकर समीक्षा की जाए और पांच दिन पढ़ाई व छठवें दिन गतिविधियां हों।
- सभी संबंधित अधिकारी विद्यालयों का प्रतिदिन निरीक्षण करें और एमडीएम की गुणवत्ता की निगरानी करें।
- प्रधानाध्यापक महीने में एक बार अभिभावकों व छात्रों के साथ संवाद करें और सकारात्मक वातावरण बनाएं।
- कौशल विकास व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बैठकें हों।
- क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत व अन्य मूलभूत सुविधाएं सही कराई जाएं।

बसपा ने भी किया था वार
आम आदमी पार्टी या सीजेपी ही नहीं, बल्कि बसपा ने भी जिले में चुनावी बिगुल फूंकने के दौरान सरकारी विद्यालयों में अव्यवस्थाओं को उजागर कर चुकी है। 10 अगस्त को आकाश आनंद ने सादाबाद में भाषण देते हुए कहा था कि भाजपा सरकार में पिछले 10 वर्षों में 25 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं, जिससे गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। इससे साफ है कि विपक्षी दल इसी मुद्दे को लेकर अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
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