मेला श्री दाऊजी महाराज में कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मिलने वाली बजट राशि अचानक बंद किए जाने की सूचना पर विभिन्न सांस्कृतिक मंचों के संयोजकों ने सामूहिक रूप से कार्यक्रमों का बहिष्कार करने तथा अपने पदों से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में संयोजकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मेला रिसीवर के नाम संबोधित एक शिकायती पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी को सौंपा है।
मेला श्री दाऊजी महाराज के दर्जनों कार्यक्रमों के संयोजक कलेक्ट्रेट परिसर में अपने-अपने कार्यक्रमों के संचालन हेतु मिलने वाले अग्रिम चेक प्राप्त करने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बार मेला कार्यक्रमों के लिए दी जाने वाली बजट राशि को पूर्ण रूप से समाप्त करने की बात कही।
इस बात से नाराज संयोजकों ने तुरंत कलेक्ट्रेट परिसर में ही बैठक कर विरोध जताया और सामूहिक त्यागपत्र तैयार कर एडीएम को सौंप दिया। एडीएम को दिए पत्र में संयोजकों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि मेला श्री दाऊजी महाराज में होने वाले पारंपरिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जो धनराशि पूर्व में मिलती रही है, उसे इस बार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
संयोजकों का कहना है कि बिना प्रशासनिक सहयोग और निर्धारित बजट के इतने बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का गुणवत्तापूर्ण आयोजन संभव नहीं है। यदि प्रशासन द्वारा पूर्व की भांति बजट आवंटित नहीं किया जाता है, तो वे कार्यक्रमों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और उनका सामूहिक त्यागपत्र (इस्तीफा) स्वीकार किया जाए।
डीएम अतुल वत्स ने कहा कि बजट पूर्व की तरह दिया जाएगा। इस बार खर्च करने को लेकर संयोजकों से पहले पूरी जानकारी ली जाएगी। इस आधार पर बजट का आवंटित किया जाएगा।