आरोप लगाया है कि एक मुकदमा वसीयत के संबंध में विचाराधीन था। इसमें संधि पत्र तैयार हुआ। संधि पत्र में आरोपियों ने तहसीलदार हाथरस के अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखा देने के उद्देश्य से जालसाजी करके पैरा नंबर एक के अंत में एक लाइन बढ़ा दी है।
हाथरस के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय ने तहसील सदर के तत्कालीन पेशकार व लिपिक सहित छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश दिए हैं। इन सभी पर संधि पत्र में अलग से लाइन बढ़ाने का आरोप है।
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साकेत कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनका एक मुकदमा वसीयत के संबंध में विचाराधीन था। इसमें संधि पत्र तैयार हुआ। आरोप है कि संधि पत्र में गोपाल शर्मा व रामप्रकाश शर्मा पुत्रगण रमेशचंद्र, उमेश पुत्र देवीशरन, पुष्पा देवी पत्नी देवीशरन निवासी ग्राम चूहरपुर तहसील गभाना जिला अलीगढ़ ने तहसीलदार हाथरस के अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर उनको धोखा देने के उद्देश्य से जालसाजी करके पैरा नंबर एक के अंत में एक लाइन बढ़ा दी है।
इसी प्रकार पैरा नंबर दो और पैरा नंबर 5 के अंत में भी लाइन बढ़ाई गई है। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक थाना हाथरस गेट को निर्देशित किया है कि उचित धाराओं में इस प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट तीन दिन के अंदर दर्ज कर विवेचना कराया जाना सुनिश्चित करें।