आरोप है कि हाथरस नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक विद्यासागर शर्मा ने लिपिक संजय अग्रवाल की शिकायत की थी, जिसमें आरोप था कि संजय उनसे जूनियर हैं, लेकिन इन्होंने फर्जी मार्कशीट के आधार पर वर्ष 2013 में लेखा लिपिक पद पर समायोजन करा लिया था।
हाथरस नगर पालिका परिषद हाथरस में फर्जी मार्कशीट के आधार पर प्रमोशन पाने के मामले में अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रकरण को गंभीर माना है। न्यायालय ने एसडीएम सदर को मामले की जांच के लिए आदेशित किया है। 14 दिन के अंदर जांच पूरी कर एसडीएम को अगली तारीख पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक विद्यासागर शर्मा ने लिपिक संजय अग्रवाल की शिकायत की थी, जिसमें आरोप था कि संजय उनसे जूनियर हैं, लेकिन इन्होंने फर्जी मार्कशीट के आधार पर वर्ष 2013 में लेखा लिपिक पद पर समायोजन करा लिया था। वे वरिष्ठ लिपिक पद पर पदोन्नत हो गए। इस तरह इन्होंने अन्य कर्मचारियों के हक का हनन किया है।
विद्यासागर की शिकायत पर वर्ष 2023 में मंडलायुक्त ने जांच कराई थी। 20 बिंदुओं पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए थे। जांच के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता ने जनवरी 2026 में विद्यासागर ने एसपी से शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। इस पर एसपी ने सीओ सिटी को जांच दे दी थी, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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शिकायकर्ता ने फिर कोर्ट की शरण ली तथा एफआईआर दर्ज कराने की अपील की थी। नौ मार्च को इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायालय मुख्य दंडाधिकारी ने प्रकरण में जांच के आदेश एसडीएम सदर को दिए हैं। जांच पूरी कर 24 मार्च को एसडीएम अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।