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Hathras News: निजी बसों का संचालन ठप, रोडवेज की कुछ बसें चलीं

Wed, 03 Jan 2024 12:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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सादाबाद में निजी बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद - फोटो : Samvad
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मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के विरोध में चल रहे चक्का जाम का मंगलवार को व्यापक असर दिखाई दिया। सुबह से ही सड़कों पर सवारी व माल वाहक वाहनों का अवागमन लगभग ठप रहा, लेकिन रोडवेज के हाथरस डिपो ने दोपहर तक जैसे-तैसे 17 बसों को मार्गाें पर निकलवा दिया। दूसरे डिपो की भी कुछ बसें चलती नजर आईं, जिससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि माल वाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही, जिससे कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
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सुबह से ही बसों का आवागमन काफी कम दिखाई दिया। माल वाहनों का परिवहन लगभग पूरी तरह ठप रहा। रोडवेज के हाथरस डिपो ने वाहन चालकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर बसों को मार्ग पर रवाना कराने की कोशिश की, जिसमें वह कुछ हद तक सफल भी हुए। शाम चार बजे तक हाथरस डिपो ने कुल 17 बसों को मार्ग पर रवाना किया। इन सभी बसों को आगरा-अलीगढ़ के बीच संचालन के लिए रवाना किया गया।



कुछ एक बसों को स्थिति के हिसाब से शाम के समय आगरा से लखनऊ आदि रवानगी के निर्देश दिए गए। बात अगर निजी बसों की करें तो शहर के जलेसर रोड, इगलास रोड, सादाबाद के निजी बस स्टैंड, सासनी के निजी वाहन स्टैंड पर बसें रूट पर रवाना नहीं हो सकीं। इसके साथ ही छोटे मार्ग पर चलने वाले टेंपो और मैजिक आदि वाहनों का भी चक्का जाम रहा।
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इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि सोमवार को परेशानी होने के बाद मंगलवार को सड़कों पर यात्रियों की संख्या भी अपेक्षाकृत काफी कम रही। माल वाहनों का संचालन ठप होने के कारण जिले की ट्रांसपोर्ट पर बुक माल को गंतव्य तक नहीं पहुंचाया जा सका। दूसरी ओर नया माल भी बुक नहीं किया जा सका, जिससे कारोबार भी काफी हद तक प्रभावित हुआ।




ट्रांसपोर्टरों ने चलाया जन जागरण अभियान
जनपद के ट्रांसपोर्टर ने संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में जनजागरण अभियान चलाया। इसमें वाहन चालक को सजा व जुर्माने के प्रावधान में हुए संशोधनों के बारे में बताया गया। इसमें इस बिल को वापस किए जाने की मांग की गई। इसमें नवजोत शर्मा, राहुल गुप्ता, अमित बंसल, गौरव छाबड़ा आदि ट्रांसपोर्टर शामिल रहे।





हम इस काले कानून के खिलाफ हैं। चालकों के समर्थन में सांकेतिक रूप से बिल की प्रति भी फूंकी हैं। इसमें जिस तरह के प्रावधान किए गए हैं, वह वाहन चालकों के लिए काफी दिक्कत वाले होंगे। ट्रांसपोर्ट के लिए वाहन चलाने के लिए कोई राजी ही नहीं होगा। अभी तो जिले की ट्रांसपोर्ट पर माल बुक जा रहा है, लेकिन अगर कानून वापस लेने के संबंध में जल्द स्थिति साफ नहीं हुई तो निश्चित तौर पर सभी ट्रांसपोर्टरों को व्यापारियों का माल वापस करना होगा।
-नवजोत शर्मा, अध्यक्ष, हाथरस गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, हाथरस






जानबूझकर दुर्घटना करना कोई चालक नहीं चाहता। ये कानून सिर्फ ट्रांसपोर्टर के लिए परेशानी की बात नहीं है, हर एक वाहन चालक के लिए यह काला कानून है। इस पर सभी को गंभीरता से लेना चाहिए। हम वाहन चालकों के समर्थन में खड़े हैं। कुछ दिन के लिए अगर ट्रांसपोर्ट बंद करनी पड़े तो भी हम कोई परहेज नहीं है, हम उनके समर्थन में खड़े रहेंगे, क्योंकि यह मुद्दा चालकों ही नहीं, बल्कि हर आम आदमी के भविष्य और उनकी सुविधा से जुड़ा है।
-अमित बंसल, संचालक, बंसल ट्रांसपोर्ट, हाथरस।






वाहन चालकों को इस समय अपने भविष्य की चिंता है। इस कारण ही वह चक्का जाम कर रहे हैं। हम ट्रांसपोर्टर सीधे तौर पर उनसे जुड़े हैं। हम उनके इस विरोध का विरोध नहीं कर सकते। उनकी बात अपनी जगह सही भी है। वहीं ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट यूनियन सहित कई यूनियन की बैठक चल रही है। उनका जो भी निर्णय होगा, उसका आगे पालन किया जाएगा।
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-अभिषेक शर्मा, जिला अध्यक्ष, रिटेल एवं मिनी ट्रांसपोर्ट यूनियन, हाथरस।
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